26/06/26

श्रीनगर में 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन: 'सहकार से समृद्धि' विजन को जमीनी हकीकत में बदलने का रोडमैप तैयार

आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली - श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में आज उद्घाटित ‘सहकार से समृद्धि — विजन से जमीनी वास्तविकता तक’ विषय पर आयोजित 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के सहकारी क्षेत्र के भविष्य के विजन और रोडमैप पर विचार-विमर्श का प्रमुख आधार जमीनी अनुभव और वास्तविकताएं रहीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में, सम्मेलन का फोकस पिछले पांच वर्षों की परिवर्तनकारी पहलों को जमीनी स्तर पर मापनीय परिणामों में बदलने पर रहा।

राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, राष्ट्रीय महासंघ, सहकारी संस्थाएं और सहकारी इकोसिस्टम के प्रमुख हितधारक शामिल हुए। विचार-विमर्श का उद्देश्य प्रगति की समीक्षा करना, जमीनी स्तर की चुनौतियों की पहचान करना, सफल मॉडल साझा करना और सहकारी विकास के अगले चरण के लिए अधिक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना रहा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन भारत के सहकारी आंदोलन के इतिहास में एक निर्णायक क्षण रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बड़े पैमाने पर नियामक ढांचे से आगे बढ़कर विकासोन्मुखी और डिलीवरी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण समृद्धि, समावेशी विकास और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी वाली संस्थाओं के रूप में मजबूत करना है।

Previous

डिजिवन पोर्टल बनेगा वन प्रबंधन का सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म - मुख्य सचिव राजस्थान

Next

उत्तराखंड दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान: खेतों में उतरकर करेंगे किसानों से सीधा संवाद