करोड़ों की ऑनलाइन धोखाधड़ी का भंडाफोड़: CBI का 15 ठिकानों पर छापा, 900 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड CA गिरफ्तार
नई दिल्ली, 13 मार्च (अन्नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब घोटाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 15 अलग-अलग स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। यह मामला मुख्य रूप से विदेशी फिनटेक प्लेटफॉर्म, विशेषकर दुबई स्थित 'Pyypl' के जरिए किए गए संदिग्ध लेन-देन और धोखाधड़ी से जुड़ा है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिले इनपुट के आधार पर CBI ने यह केस दर्ज किया था। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने फर्जी लुभावनी योजनाओं के जरिए हजारों भारतीय नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि यह सिंडिकेट सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देता था। ठग पहले पीड़ितों से छोटी रकम निवेश करवाते थे और विश्वास जीतने के लिए उन्हें फर्जी मुनाफा दिखाते थे। एक बार जब पीड़ित को भरोसा हो जाता, तो उसे मोटी रकम निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। ठगी गई राशि को मनी ट्रेल छिपाने के लिए कई 'म्यूल' बैंक खातों के माध्यम से घुमाया जाता था और फिर अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्डों का उपयोग करके विदेशों में एटीएम से निकाल लिया जाता था या विदेशी वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
CBI ने दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्थित बिजवासन के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अशोक कुमार शर्मा को इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि शर्मा ने अकेले पिछले एक साल में करीब 900 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। इस राशि को 15 शेल (फर्जी) कंपनियों से जुड़े खातों में जमा किया गया और बाद में भारतीय वर्चुअल एसेट एक्सचेंजों के माध्यम से इसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर विदेशी वॉलेट्स में भेज दिया गया। CBI ने सितंबर 2025 में ही इन संदिग्ध संस्थाओं के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई मासूम लोगों को धोखा देकर इन शेल कंपनियों का निदेशक बनाया गया था और उनके नाम पर फर्जी कागजात तैयार किए गए थे। फिलहाल मुख्य आरोपी अशोक शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। CBI अब इस गिरोह से जुड़े विदेशी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले वित्तीय जाल को खंगालने में जुटी है ताकि अपराध की पूरी कमाई को बरामद किया जा सके।
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