एमपीएचडब्ल्यू मांगों को लेकर 6 नवंबर को सिविल सर्जन कार्यालयों पर प्रदर्शन
जे कुमार, अम्बाला 5 नवम्बर - मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (MPHW) एसोसिएशन की ऑनलाइन काम छोड़ हड़ताल के चलते हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग के कई डिजिटल पोर्टल ठप्प पड़ गए हैं। 25 अक्टूबर से जारी इस डिजिटल हड़ताल के कारण मंगलवार को आयोजित टीकाकरण कैंपों में यूवीन (U-WIN) पोर्टल नहीं चल पाया, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मिलने वाले आवश्यक संदेश और डिजिटल प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सके।
मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी : - एसोसिएशन की राज्य प्रधान शर्मिला देवी ने विज्ञप्ति में बताया कि आमजन को हो रही परेशानी का उन्हें खेद है, लेकिन एसोसिएशन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि सरकार उनकी जायज मांगों पर गौर करे।
राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने जानकारी दी कि ऑनलाइन एंट्री न होने के कारण आरसीएच नंबर, गैर-संक्रामक रोगों का ऑनलाइन डेटा, टीबी मरीजों का पोषण भत्ता एवं दवा वितरण रिकॉर्ड, आशा वर्कर पेमेंट, डिजीज सर्विलांस, निरोगी हरियाणा, सहित कई निगरानी पोर्टल ठप्प हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते सारा ऑनलाइन काम एमपीएचडब्ल्यू वर्ग पर डाल दिया गया है, जबकि ऑनलाइन कार्यों के लिए पहले से कार्यरत कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सरकार पर जिम्मेदारी का आरोप :- महासचिव सहदेव आर्य ने एसोसिएशन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक सरकार द्वारा पहले नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, अतिरिक्त ऑनलाइन कार्यों के लिए मानव संसाधन ऑपरेटर की नियुक्ति व उचित तकनीकी संसाधन (लैपटॉप/टैबलेट व इंटरनेट) की सुविधा नहीं दी जाएगी, तब तक प्रदेशभर में ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों का बहिष्कार जारी रहेगा। आमजन को होने वाली परेशानी की पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी।
महासचिव सहदेव आर्य ने बताया कि अपनी अन्य मांगों, जैसे कि ग्रेड पे, वर्दी भत्ता, एमसीएच अलाउंस, और रिटायरमेंट बेनिफिट, के लिए 6 नवंबर को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू सभी सिविल सर्जन कार्यालयों पर रोष प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगी।
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