31/05/26

गुरुग्राम में आधी रात को फैक्ट्री में लगी भीषण आग: धुएं के गुबार से घिरा आसमान, 6 स्टेशनों से बुलाई गईं 8 गाड़ियां

गुरुग्राम, 31 मई, (अन्‍नू): साइबर सिटी गुरुग्राम में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। गुरुग्राम के मुशदपुर-खुरमपुर गांव के पास स्थित 'ओम साईंराम इंडस्ट्री' नामक एक फैक्ट्री में आधी रात के बाद अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक और तेज थी कि देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री की इमारत, मशीनों और स्टॉक को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और जिले के अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया।

रात 1:40 बजे कंट्रोल रूम को मिली सूचना, पटौदी से सबसे पहले पहुंची गाड़ियां

फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि करीब 1:40 बजे ओम साईंराम इंडस्ट्री में आग लगने की पहली कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी बिना एक पल गंवाए मौके के लिए रवाना हो गए।

चूंकि हादसा गहरी रात में हुआ, इसलिए शुरुआत में आग की भयावहता का सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल था। लेकिन जब पहली टीम मौके पर पहुंची, तो वहां आसमान छूती आग की लपटों और धुएं के काले गुबार को देखकर तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया और अन्य स्टेशनों से अतिरिक्त मदद मांगी गई।

घेराबंदी के लिए 6 फायर स्टेशनों से बुलाई गईं 8 गाड़ियां

आग की विकरालता को नियंत्रित करने और उसे आसपास की अन्य इमारतों में फैलने से रोकने के लिए जिले के 6 अलग-अलग फायर स्टेशनों को अलर्ट पर रखकर कुल 8 फायर टेंडर (दमकल वाहन) मौके पर तैनात किए गए:

  • घटनास्थल पर सबसे पहले पटौदी फायर स्टेशन से गाड़ियां पहुंचीं।

  • आग की गंभीरता को देखते हुए मानेसर, भीम नगर, सेक्टर-37, सेक्टर-29 और अन्य नजदीकी स्टेशनों से तुरंत अतिरिक्त वाहन भेजे गए।

राहत कार्य में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, फायर कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री को चारों तरफ से घेरा और पानी की तेज बौछारें शुरू कीं। कई घंटों की भारी जद्दोजहद और मशक्कत के बाद भी आग की लपटों पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है और कूलिंग का काम जारी है।

जानी नुकसान टला; कूलिंग के बाद चलेगा सर्च ऑपरेशन

इस बेहद डरावने हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, रात का समय होने के कारण फैक्ट्री के भीतर श्रमिक (मजदूर) मौजूद नहीं थे, जिससे एक बहुत बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।

पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि जब आग पूरी तरह से शांत हो जाएगी और कूलिंग का काम संपन्न हो जाएगा, तो फैक्ट्री के भीतर एक सघन सर्चिंग अभियान (तलाशी अभियान) चलाया जाएगा। इस सर्च ऑपरेशन के बाद ही स्थिति शत-प्रतिशत साफ हो पाएगी कि मलबे के अंदर कोई फंसा तो नहीं है।

लाखों के माल-मशीनें खाक, शॉर्ट सर्किट की आशंका

इस भीषण अग्निकांड में फैक्ट्री के भीतर रखा कीमती कच्चा माल (Raw Material), तैयार उत्पाद और अत्याधुनिक मशीनें पूरी तरह जलकर मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। आग के भयंकर तापमान के कारण फैक्ट्री की मुख्य इमारत के ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। हालांकि, आग लगने के पुख्ता कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।

स्थानीय पुलिस और संबंधित तकनीकी विभाग मामले की गहनता से जांच करेंगे ताकि आग लगने की असली वजह और इससे हुए कुल वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक से सुरक्षा मानकों, फायर फाइटिंग सिस्टम की उपलब्धता और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से जुड़े तमाम दस्तावेज भी तलब कर लिए हैं।

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