पानीपत में मणप्पुरम गोल्ड लोन घोटाला: लॉकर से असली सोना निकाल पीतल पर चढ़ाया पानी, दूसरा आरोपी पूर्व असिस्टेंट मैनेजर भी गिरफ्तार
पानीपत, 22 मई (अन्नू): हरियाणा की पानीपत सीआईए-3 (CIA-3) पुलिस ने जीटी रोड स्थित 'मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच' में ग्राहकों के गिरवी रखे गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तम नगर (गोहाना, सोनीपत) के रहने वाले ब्रांच के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी साहिल को बुधवार शाम को काबू किया। पूछताछ में उसने इस पूरे फर्जीवाड़े में पहले से जेल में बंद ब्रांच के पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
कड़े से 40% सोना निकालकर बनवाया पीतल का नकली कड़ा
सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी साहिल ने इस काले धंधे का पूरा राज उगला। उसने बताया कि दोनों ने मिलकर लॉकर में रखे एक ग्राहक के सोने के कड़े को निकाला और उसमें से 40 प्रतिशत असली सोना निकालकर उसे बाजार में 2.50 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने हुबहू वैसा ही पीतल का कड़ा तैयार करवाया और उस पर सोने का अर्क (पॉलिश) चढ़वाकर वापस बैंक के लॉकर में रख दिया।
हिस्से में आए थे 1 लाख रुपये, कोर्ट ने भेजा जेल
आरोपी ने बताया कि इस धोखेबाजी की रकम में से उसके हिस्से में 1 लाख रुपये आए थे, जिसमें से ज्यादातर पैसे उसने ऐश-ओ-आराम में खर्च कर दिए। पुलिस ने साहिल के कब्जे से बचे हुए 5 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं और वीरवार को उसे माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बता दें कि इस मामले के पहले आरोपी और पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार के हिस्से में 1.50 लाख रुपये आए थे, जिससे 10 हजार रुपये बरामद कर पुलिस उसे पहले ही जेल भेज चुकी है।
ऐसे खुला था 'नकली सोने' का यह पूरा राज (यह है मामला)
इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब शिमला मौलाना गाँव के रहने वाले सुनील ने थाना शहर पुलिस को शिकायत दी। सुनील ने मई 2024 में अपने 19 तोले सोने के गहने इस ब्रांच में गिरवी रखकर लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को जब सुनील अपने दोस्त संदीप के साथ लोन के सारे पैसे चुकाकर गहने वापस लेने गया, तो बैंक कर्मियों ने उसे पॉलिथीन बैग में पैक गहने सौंप दिए।
बाहर आकर जब सुनील ने पैकेट खोला, तो उसे अपने सोने के कड़े का वजन कुछ अलग लगा। बैंक कर्मियों के कहने पर जब उसने सुनार से कड़े की जांच कराई, तो पता चला कि वह कड़ा असली सोने का नहीं बल्कि पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने का पानी चढ़ा हुआ था।
दिल्ली से बनवाया था हूबहू नकली कड़ा
जब सुनार ने इस नकली कड़े की फोटो अपने सुनार संगठन के ग्रुप में डाली, तो कड़ा बनाने वाले एक कारीगर दीपक भोला का सुराग मिला। कारीगर दीपक ने पूछताछ में खुलासा किया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार और असिस्टेंट मैनेजर साहिल उसके पास आए थे और असली कड़ा दिखाकर हूबहू पीतल की नकल बनाने को कहा था। पानीपत के सुनारों द्वारा मना करने पर उन्होंने दिल्ली की एक दुकान से यह नकली कड़ा तैयार करवाया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर दोनों बैंक अफसरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
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