22/11/25

श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित हिंद की चादर लाइट एंड साउंड शो कार्यक्रम

जे कुमार, अम्बाला 22 नवम्बर - श्री गुरू तेग बहादुर जी के जीवन आदर्श और उनकी अमर विरासत पर आधारित हिंद की चादर लाइट एंड साउंड शो का वीरवार देर शाम एसडी कालेज अम्बाला छावनी में आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम अम्बाला छावनी विनेश कुमार, ई.ओ. देवेन्द्र नरवाल, गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व उप प्रधान सुदर्शन सहगल, बी.एस. बिन्द्रा, टी.पी. सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य डा. राजेन्द्र राणा, प्रधानाचार्य अंजु गुर चौधरी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।


यहां पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी के जन्म से लेकर शहादत तक के चित्रण को कलाकारों द्वारा दिखाया गया। शो के माध्यम से मुगलों द्वारा श्री गुरू तेग बहादुर व उनके अनुयायी भाई सती दास, भाई मती दास, भाई दयाला पर जो यातनाएं की गई थी उसे यहां दिखाया गया।

यहां यह भी दर्शाया गया कि श्री गुरू तेग बहादुर वह महापुरुष थे जिन्होंने अपने शीश की कुर्बानी देकर मानवता व धर्म की स्वतंत्रता की रक्षा की थी तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। लाइट एंड साउंड शो की प्रस्तुति देने वालों में मुख्य आर्टिस्ट तलविन्द्र सिंह व इस नाटक में विभिन्न किरदार निभा रहे कलाकारों ने उस समय मुगलों द्वारा जो अत्याचार व यातनाएं दी गई थी, उसे यहां पर दिखाने का काम किया। इसके अलावा सोनीपत के गांव बडखालसा व लखी शा बंजारा की भी जो महत्वपूर्ण भूमिका रही है उसे भी दिखाया गया।


  कार्यक्रम के दौरान लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, शौर्य और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचे, इसे भी दिखाने का काम किया गया। लाइट एण्ड साउंड के माध्यम से श्री गुरू तेग बहादुर जी के जीवन वृतांत को इस तरह संजोया गया मानो सभी दृश्य प्रत्यक्ष रूप से संजीव हो उठे हों। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं व सिख संगत के साथ-साथ सभी ने इस शो की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि गुरू तेग बहादुर जी की जो शिक्षाएं है उसे हमें अपने जीवन में धारण करना है और युवा पीढ़ी को भी इस बारे बताना है।


यह कार्यक्रम गुरु तेग बहादुर जी के जीवन आदर्शों, त्याग, बलिदान और अमर विरासत को समर्पित है। गुरु जी ने धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका बलिदान राष्ट्र की अस्मिता और एकता का प्रतीक है।


यहां बता दें कि राज्य सरकार द्वारा हरियाणा में गत एक नवंबर से गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ की गई है, जिनका राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन 25 नवम्बर को कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर इसलिए कहा गया, क्योंकि वे केवल सिख धर्म के नहीं, बल्कि पूरे भारत की अस्मिता की ढाल बन गए थे। दिल्ली के चांदनी चौक में जब उन्होंने अपना शीश बलिदान किया, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति की धर्म की रक्षा के लिए किया था। उनका संदेश था निडर बनो, डर से मुक्त रहो, और सच्चाई के मार्ग पर चलो, ऐसे संदेश को हमें आत्मसात करना चाहिए।


इस मौके पर हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यगणों ने लाइट एंड साउंड शो के मुख्य आर्टिस्ट तलविन्द्र सिंह के साथ-साथ इस शो में शामिल लगभग 20 कलाकारों को सिरोपा भेंट कर उनका अभिनंदन भी किया। तलविन्द्र सिंह ने उपस्थित सभी का स्नेह व प्यार देने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि 22 नवम्बर को दिल्ली लालकिले पर भी इस लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।


इस मौके पर सीईओ जिला परिषद गगनदीप, मार्किट कमेटी के चेयरमैन सरदार बलविन्द्र सिंह शाहपुर, बी.एस. बिन्द्रा, सुदर्शन सहगल, श्याम राणा, अजय बवेजा, टी.पी. सिंह, रतन सिंह ढिल्लो, जसदीप बेदी, आरती सहगल के साथ-साथ सिख संगत के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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