NIA का बड़ा एक्शन: आतंकी संगठन JMB के ऑफशूट की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली, 27 जून (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के एक ऑफशूट (संबद्ध संगठन) द्वारा रची जा रही एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की है। यह पूरी आतंकी साजिश मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और असम व त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर (North-East) राज्यों को निशाना बनाने के लिए रची गई थी।

इमाम महमुदर काफिला (IMK) के जरिए फैला रहे थे नफरत का जाल

एनआईए द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, असम के गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत (NIA Special Court) में इन सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और यूए(पी) एक्ट (UAPA), 1967 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी 'इमाम महमुदर काफिला' (IMK) नाम के संगठन के जरिए बेहद सक्रियता से देश विरोधी साजिश में शामिल थे। दरअसल, यह आईएमके (IMK) कुछ और नहीं बल्कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जेएमबी (JMB) का ही एक बदला हुआ रूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में इस आतंकी संगठन की चरमपंथी विचारधारा (Terror Ideology) का विस्तार करना था।

गुमनाम बैठकें, धार्मिक कट्टरता और डिजिटल प्रोपेगैंडा

प्रेस रिलीज के अनुसार, एनआईए की जांच में सामने आया है कि जेएमबी के एक वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारतीय धरती पर इस प्रतिबंधित संगठन के नापाक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए आईएमके (IMK) की स्थापना की थी।

चार्जशीटेड 11 आरोपियों ने भारत में आईएमके/जेएमबी की मौजूदगी बढ़ाने के लिए कई खतरनाक हथकंडे अपनाए थे:

  • गोपनीय बैठकें: भारत के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा एजेंसियों से छिपकर लगातार खुफिया बैठकें की जा रही थीं।

  • युवाओं का ब्रेनवॉश: सीधे-साधे और संवेदनशील युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए विशेष 'धार्मिक दीक्षा कार्यक्रम' (Religious Indoctrination) चलाए जा रहे थे।

  • विस्फोटक साहित्य: समाज में नफरत घोलने के लिए चरमपंथी और भारत विरोधी साहित्य (Extremist Literature) का बड़े पैमाने पर वितरण किया जा रहा था।

  • डिजिटल प्रोपेगैंडा: इंटरनेट और विभिन्न सोशल मीडिया/डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके युवाओं को भारत सरकार के खिलाफ भड़काने और आईएमके/जेएमबी के नेतृत्व के प्रति वफादार बनाने की साजिश रची जा रही थी।

असम और त्रिपुरा के मुख्य मास्टरमाइंड भी आए गिरफ्त में

एनआईए की चार्जशीट में नामजद किए गए 11 आरोपियों में से दो सबसे प्रमुख और मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान भी उजागर की गई है:

  1. नासिरुद्दीन (Nasimuddin): यह मुख्य आरोपी असम राज्य में आईएमके (IMK) की तमाम देश विरोधी गतिविधियों और नेटवर्क विस्तार की कमान संभाल रहा था।

  2. जागिर मिया (Jagir Mia): यह आरोपी त्रिपुरा राज्य के भीतर इस पूरे आतंकी संगठन और उसके ऑपरेशन्स का नेतृत्व कर रहा था।

भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त

प्रेस रिलीज के अनुसार, इस पूरे मामले की तफ्तीश के दौरान एनआईए ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स का एक लंबा ट्रेल (Trail) बरामद किया है। इन्हीं पुख्ता तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर ही इन आरोपियों के खिलाफ अदालत में केस तैयार किया गया है। एनआईए ने साफ किया है कि इस केस (RC-01/2026/NIA/GUW) में शामिल अन्य कड़ियों और फंडिंग नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की जांच अभी भी पूरी मुस्तैदी से जारी है।

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