NIA की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल टेरर नेक्सस मामले में 23वें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली, 19 मई (अन्‍नू): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आतंकवाद और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में एजेंसी को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने सोमवार को वर्ष 2022 के कुख्यात बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आतंकी-गैंगस्टर सांठगांठ (टेरर नेक्सस) मामले में एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। भारत में आतंक फैलाने की इस बड़ी साजिश के मामले में चार्जशीट पाने वाला यह 23वां आरोपी है।

पटियाला हाउस कोर्ट में छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर, यूएपीए के तहत केस दर्ज

एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए विशेष अदालत के समक्ष यह छठी चार्जशीट पेश की गई है। मामला संख्या RC-39/2022/NIA/DLI में नामजद किए गए इस आरोपी की पहचान अर्जीत कुमार उर्फ अजीत के रूप में हुई है। जांच एजेंसी ने अर्जीत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और आतंकवाद विरोधी कानून यानी गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इस मामले में अब तक अर्जीत सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दर्ज किया था केस, बाद में एनआईए ने संभाली कमान

प्रेस रिलीज के मुताबिक, भारत में दसों तरफ दहशत और आतंक फैलाने की इस साजिश का भंडाफोड़ सबसे पहले अगस्त 2022 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एफआईआर दर्ज कर किया था। मामले की संवेदनशीलता और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई। देश की प्रमुख एंटी-टेरर एजेंसी ने अपनी तफ्तीश में पाया कि आरोपी अर्जीत कुमार उर्फ अजीत ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी, जिसका मकसद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को भारतीय धरती पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने और फिर आसानी से देश से बाहर भागने में मदद करना था।

फर्जी पासपोर्ट और वीजा तैयार कराने का सनसनीखेज खुलासा, सचिन बिश्नोई ने उठाया था फायदा

जांच में एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी अर्जीत गैंग के सदस्यों के लिए धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के जरिए पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम करता था। इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक, सचिन बिश्नोई और गिरोह के कुछ अन्य प्रमुख गुर्गों ने देश से कानून की नजरों से बचकर भागने के लिए इन्हीं फर्जी यात्रा दस्तावेजों (फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स) का इस्तेमाल किया था। एनआईए ने प्रेस रिलीज के अंत में स्पष्ट किया है कि इस खतरनाक टेरर-गैंगस्टर नेक्सस को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने और मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों को दबोचने के लिए सघन जांच अभी भी लगातार जारी है।

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