दिल्ली-NCR में नकली नोटों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मालदा से जुड़े गिरोह के 3 तस्कर दबोचे, ₹3 लाख के जाली नोट बरामद
नई दिल्ली, 23 जून (अन्नू): देश की वित्तीय संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने और दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में जाली नोटों की बड़ी खेप खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-I) ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस टीम ने रणनीतिक जाल बिछाकर तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से ₹200 के मूल्यवर्ग वाले कुल ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) मूल्य के नकली भारतीय नोट (FICN) बरामद किए गए हैं।
पकड़े गए आरोपियों में दिल्ली-एनसीआर का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर और पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से नकली नोटों की सप्लाई लाने वाले दो कैरियर (परिवहनकर्ता) शामिल हैं। पुलिस की इस समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में जाली मुद्रा के बड़े सर्कुलेशन को नाकाम कर दिया गया है.
मुनाक नहर के पास बिछाया गया रणनीतिक जाल; भागते समय दबोचे
वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार क्राइम ब्रांच की टीम (NR-I) लगातार अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट्स पर नजर रख रही थी। इसी दौरान 13 और 14 जून 2026 की दरमियानी रात को क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल (HC) परवीन को एक बेहद सटीक और विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। सूचना थी कि जाली नोटों की तस्करी का आदी अपराधी नरेंद्र कुमार उर्फ सेक्रेटरी उर्फ कल्लू, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से लाई जा रही नकली नोटों की एक बड़ी खेप दिल्ली में रिसीव करने वाला है।
इस खुफिया इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एसीपी (ACP) अशोक शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर अजय गहलावत के करीबी नेतृत्व में एसआई कपिल सिंह, एचसी विकेश, एचसी अमित, एचसी परवीन, एचसी महेश और महिला एचसी कुसुम की एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया। टीम ने सेक्टर-18, रोहिणी स्थित मुनाक नहर (Munak Canal) के पास रणनीतिक घेराबंदी की। निगरानी के दौरान तीन संदिग्धों की पहचान कर उन्हें इंटरसेप्ट किया गया। पुलिस पार्टी को देखते ही तीनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने पीछा कर तीनों को सफलतापूर्वक दबोच लिया।
आरोपियों की पहचान और उनके पास से हुई बरामदगी
क्राइम ब्रांच द्वारा दबोचे गए तीनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
नरेंद्र कुमार उर्फ सेक्रेटरी उर्फ कल्लू (उम्र 52 वर्ष): निवासी इंदिरा कॉलोनी, रोहतक, हरियाणा। (यह दिल्ली-एनसीआर में नकली नोटों का मुख्य रिसीवर और डिस्ट्रीब्यूटर है)।
अस्तरुल (उम्र 26 वर्ष): निवासी वैष्णवनगर, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल। (यह मालदा से दिल्ली तक नोटों की तस्करी करने वाला कैरियर है)।
रैजुल होक (उम्र 36 वर्ष): निवासी वैष्णवनगर, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल। (यह भी इस नेटवर्क में कैरियर के तौर पर काम कर रहा था)।
बरामदगी: तलाशी के दौरान इनके पास से ₹200 की डिनॉमिनेशन (मूल्यवर्ग) वाले ₹3,00,000 के नकली नोट बरामद हुए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन नोटों पर बार-बार एक ही सीरियल नंबर दोहराए गए थे और असली नोटों वाले सुरक्षा फीचर्स पूरी तरह गायब थे। इसके अलावा, नोटों को छिपाकर ले जाने में इस्तेमाल किए गए तीन बैकपैक (पिठू बैग) भी जब्त किए गए हैं। इस संबंध में पीएस क्राइम ब्रांच, दिल्ली में FIR नंबर 163/2026 (U/s 178/179/61(2) BNS) दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।
क्राइम ब्रांच की टीम ने मालदा और कोलकाता में चलाया बड़ा ऑपरेशन
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अस्तरुल और रैजुल होक आर्थिक तंगी के कारण मालदा के 'सैदुल' नाम के एक शख्स के संपर्क में आए थे और जाली नोटों को दिल्ली पहुंचाने के लिए राजी हुए थे। इस पूरे रैकेट के मुख्य सोर्स और इसके बैक-एंड नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने माननीय अदालत से आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल किया।
रिमांड के दौरान एसआई संजय राणा, एएसआई प्रेमवीर सिंह, एचसी परवीन, एचसी विकेश, एचसी सोनू और एचसी अमित कौशिक की एक विशेष पुलिस टीम को पश्चिम बंगाल के मालदा और कोलकाता भेजा गया। टीम ने वहां कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और गहन जांच कर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के कई अहम सुराग और लीड्स विकसित किए हैं। फिलहाल सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास: 'कल्लू' पर दर्ज हैं 12 से अधिक केस
प्रेस रिलीज के अनुसार, आरोपी नरेंद्र कुमार उर्फ कल्लू एक आदतन और शातिर अपराधी है, जो पहले भी स्पेशल सेल और अन्य थानों द्वारा नकली नोटों की तस्करी, लूटपाट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) मामलों सहित 12 से अधिक गंभीर मुकदमों में शामिल पाया गया है। इसके कुछ मुख्य मामले निम्नलिखित हैं:
जाली नोट मामले: वर्ष 2018 और 2016 में पीएस स्पेशल सेल में दर्ज नकली नोटों के मामले (FIR No. 07/2018 & 60/2016)। इसके अलावा कोलकाता एसटीएफ (STF) पुलिस स्टेशन में भी इसके खिलाफ जाली नोट का मामला दर्ज है।
लूट व आर्म्स एक्ट: रोहतक और भिवानी के विभिन्न थानों में डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
ड्रग्स तस्करी: पीएस कलानौर (रोहतक) में वर्ष 2025 का एक बड़ा एनडीपीएस मामला (FIR No. 136/2025) दर्ज है।
इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले आरोपी रैजुल होक का भी पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड है, जो मालदा के थाना वैष्णवनगर में दर्ज वर्ष 2013 के एक बेहद गंभीर मामले (FIR No. 114/2013) जिसमें हत्या, सामूहिक दुष्कर्म और साक्ष्य छिपाने की धाराएं (U/s 376(2)(g)/302/201/34 IPC) शामिल हैं, में भी आरोपी रह चुका है।
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