07/05/26

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: नकली जीवन रक्षक दवाओं के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 6 करोड़ की दवाएं बरामद

नई दिल्ली, 07 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया है जो नकली और सरकारी सप्लाई की जीवन रक्षक दवाओं के अवैध कारोबार में लिप्त था। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, यह गिरोह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सरकारी अस्पतालों की दवाओं की चोरी कर उन्हें दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक गुप्त यूनिट में लाता था। यहाँ इन दवाओं के असली लेबल हटाकर उन पर नामी ब्रांडों के फर्जी लेबल लगाए जाते थे और फिर उन्हें दिल्ली-एनसीआर सहित पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में महंगे दामों पर बेचा जाता था।


कैंसर और इंसुलिन जैसी गंभीर दवाओं से खिलवाड़

पुलिस की छापेमारी के दौरान मुखर्जी नगर स्थित इकाई से भारी मात्रा में फार्मास्युटिकल सामग्री और मशीनें बरामद हुई हैं। जब्त की गई दवाओं की बाजार में कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 'लेनवाटो' (Lenvatol), रेबीज के टीके, सांप के जहर का एंटी-वेनम (Snake Venom Antiserum), इंसुलिन और हेपेटाइटिस-बी जैसे गंभीर रोगों के टीके की नकली प्रतियां तैयार कर रहा था। यह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़ भी था।



मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना मनोज कुमार जैन समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मनोज कुमार दिल्ली से पूरा ऑपरेशन चला रहा था, जबकि राजू कुमार मिश्रा पंचकूला से और विक्रम सिंह व वतन प्रयागराज से दवाओं की सप्लाई का जिम्मा संभाल रहे थे। जांच में सामने आया है कि विक्रम सिंह एक लैब टेक्नीशियन है और उसने सरकारी अस्पतालों के अपने संपर्कों के जरिए दवाओं की चोरी और हेरफेर करने का रास्ता निकाला था। यह गिरोह पिछले डेढ़ साल से सक्रिय था और वित्तीय लेनदेन के लिए 'हवाला' चैनलों का उपयोग कर रहा था।



सरकारी सप्लाई की दवाओं का अवैध डायवर्जन

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी वतन और विक्रम प्रयागराज के कई सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) से सरप्लस दवाओं को अवैध तरीके से इकट्ठा करते थे। मनोज जैन इन दवाओं की पैकेजिंग बदलकर उन्हें खुले बाजार में बिक्री के लिए भेज देता था। पुलिस ने मौके से लेबलिंग और पैकेजिंग की 4 मशीनें भी जब्त की हैं। वर्तमान में सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती हैं।



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