08/07/26

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आमंत्रित व्याख्यान और एमओयू हस्ताक्षर समारोह का आयोजन: कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कौशल आधारित शिक्षा पर दिया जोर

कुरुक्षेत्र, 8 जुलाई (अन्‍नू): कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस विभाग की ओर से आमंत्रित व्याख्यान व एमओयू (MoU) हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण का समग्र विकास करना है। वर्तमान समय की मांग को देखते हुए विद्यार्थियों को उद्योगों और समाज की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए कौशल आधारित शिक्षा बेहद जरूरी है।

बीओएटी (BOAT) के साथ समझौता: पढ़ाई के साथ मिलेगा उद्योगों में प्रशिक्षण और स्टाइपेंड

विश्वविद्यालय की नई पहलों की जानकारी देते हुए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने भारत सरकार के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT) के साथ एक विशेष समझौता किया है। इसके तहत 10 से अधिक अप्रेंटिसशिप इंटीग्रेटेड डिग्री प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। इन कोर्सेस में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) मिलने के साथ-साथ स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। कुलगुरु ने गर्व जताते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय देश के उन अग्रणी संस्थानों में शामिल है, जिसने इस प्रकार की अनूठी पहल की है। उन्होंने संतुलित विकास के लिए 'हेड, हैंड और हार्ट' (ज्ञान, कौशल और मूल्य) के सिद्धांत को आवश्यक बताया।

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं को कौशलयुक्त बनाना जरूरी: कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और श्री विश्वकर्मा स्किल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अगर हमें विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो देश के युवाओं को कौशलयुक्त बनाना ही होगा। आज के दौर में केवल किताबी डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योगों की मांग के अनुसार व्यावहारिक अनुभव और प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाएं सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ भाषा का ज्ञान रोजगार के वैश्विक (इंटरनेशनल) अवसर बढ़ाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता में निहित हैं सफल नेतृत्व के सूत्र: कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव

समारोह में मानव रचना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने 'भगवद्गीता एवं नेतृत्व' विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एक सफल लीडर बनने के कई महत्वपूर्ण सूत्र श्रीमद्भगवद्गीता में पहले से मौजूद हैं। प्रो. श्रीवास्तव ने निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, आत्मानुशासन, सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग की भावना को बेहतर नेतृत्व के सबसे बड़े गुण बताया।

तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू: संयुक्त अनुसंधान और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

व्याख्यान सत्र की समाप्ति के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, श्री विश्वकर्मा स्किल विश्वविद्यालय और मानव रचना विश्वविद्यालय के बीच आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत भविष्य में संयुक्त अनुसंधान (Joint Research), नवाचार (Innovation), स्टार्टअप, इंटर्नशिप, कौशल विकास कार्यक्रम, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान (Exchange Programs) और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को मिलकर बढ़ावा दिया जाएगा। इस विशेष अवसर पर भारी संख्या में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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