जींद पुलिस का बड़ा एक्शन: रंगदारी मांगने और व्यापारी को धमकाने वाले 3 बदमाश गिरफ्तार; भागने के चक्कर में मुख्य आरोपी का पैर टूटा

जींद, 27 मई (अन्‍नू): जींद जिले की थाना शहर नरवाना पुलिस और सीआईए (CIA) की संयुक्त टीम ने व्यापारियों को डराने-धमकाने और रंगदारी वसूलने वाले बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई की है। नरवाना के पुराना बाजार के एक प्रतिष्ठित करियाना व्यापारी से फिरौती मांगने और कोर्ट में होने वाली गवाही को रुकवाने के लिए जान से मारने की धमकी देने वाले गिरोह के 3 बदमाशों को पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज के चेस ऑपरेशन (पीछा करने) के बाद दबोच लिया है।

इस दौरान खुद को पुलिस से चारों तरफ घिरा देख मुख्य आरोपी ने दबलैन माइनर (नहर) में छलांग लगा दी, जिससे ऊंचाई से गिरने के कारण उसका पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने घायल बदमाश को तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है।

पकड़े गए तीनों बदमाश:

  1. हर्षित (पुत्र दीपक), निवासी: नरवाना, जिला जींद; हाल निवासी: रोहिणी, दिल्ली — (मुख्य आरोपी, नहर में कूदने से घायल)।

  2. अंकुश (पुत्र सुभाष), निवासी: कोयल।

  3. अभिषेक उर्फ भूत (पुत्र दयाराम), निवासी: कोयल।

1 साल पुराने जानलेवा हमले की गवाही रुकवाना था मुख्य मकसद

पूरे मामले की कड़ियों का भंडाफोड़ करते हुए उप-पुलिस अधीक्षक (DSP) नरवाना श्री कमलजीत राणा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने एक सोची-समझी खौफनाक साजिश रची थी:

  • 25 मई की वारदात: इन तीनों बदमाशों ने पुराना बाजार के करियाना व्यापारी को हथियार के बल पर डराकर रंगदारी (फिरौती) मांगी थी और पैसा न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।

  • गवाही बदलने का दबाव: शुरुआती पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि मुख्य आरोपी हर्षित के चाचा नसीब ने करीब 1 साल पहले इसी करियाना व्यापारी पर जानलेवा हमला करते हुए गोली चलाई थी। इस मामले की अगले महीने माननीय अदालत में मुख्य गवाही होनी है। व्यापारी कोर्ट में गवाही न दे सके और केस में आरोपी बरी हो जाए, इसी दबाव को बनाने के लिए इन बदमाशों ने फिरौती और जान से मारने की यह नई स्क्रिप्ट तैयार की थी।

दबलैन माइनर पर ब्लॉक की सड़कें और ऐसे दबोचे गए आरोपी

व्यापारी की शिकायत मिलते ही थाना शहर नरवाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं 308(2), 351(2), 333 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जिला की सभी क्राइम टीमों को एक्टिव किया गया था। सीआईए नरवाना की टीम लगातार तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछा कर रही थी, लेकिन आरोपी बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

तभी पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि तीनों आरोपी दबलैन माइनर के पास छिपे हुए हैं। सीआईए और थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया और माइनर के दोनों रास्तों को पुलिस वाहनों से ब्लॉक कर दिया। खुद को घिरता देख मुख्य आरोपी हर्षित ने आव देखा न ताव और माइनर में नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसके पैर की हड्डी टूट गई (फ्रैक्चर हो गया) और वह भागने में नाकाम रहा। पुलिस ने उसे तुरंत दबोचकर नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल कराया।

डिस्चार्ज होते ही कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी पुलिस

थाना शहर नरवाना पुलिस द्वारा मामले की आगामी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। डीएसपी कमलजीत राणा ने बताया कि आरोपी हर्षित को जैसे ही डॉक्टरों द्वारा अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा, उसे और उसके दोनों साथियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस इनसे वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार बरामद करेगी और यह भी पता लगाएगी कि इस साजिश में जेल के भीतर से या बाहर से किसी अन्य अपराधी का हाथ तो नहीं है।

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