भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व अन्य क्षेत्र में ब्रिटेन के साथ सहयोग बढ़ाया
आरएस अनेजा, 21 फरवरी नई दिल्ली
दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने ब्रिटेन के विज्ञान, नवप्रवर्तन और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईटी) साथ बातचीत और अगली पीढ़ी के दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए ब्रिटेन का दौरा किया। इससे इन अहम क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन संबंधों में और मजबूती आएगी।
दूरसंचार सचिव ने ब्रिटेन के वैज्ञानिक सलाहकार क्रिस जॉनसन और डीएसआईटी के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सलाहकार डेव स्मिथ से मुलाकात की। बैठक में उभरती प्रौद्योगिकियों और 5जी, 6जी तथा डिजिटल ढांचे की सुरक्षा में उनके इस्तेमाल पर बातचीत हुई।
डॉ. मित्तल ने स्कॉटलैंड सरकार डिजिटल निदेशालय के निदेशक श्री ज्योफ हगिन्स के साथ भी मुलाकात की और दूरसंचार, दूरसंचार सुरक्षा तथा उभरती दूरसंचार प्रौद्योगिकियों द्वारा डिजिटल परिवर्तन में सहयोगात्मक प्रयासों पर विचार-विमर्श किया।
दूरसंचार सचिव ने ब्रिटेन के छह संघीय दूरसंचार केंद्रों (एफटीएच) में से एक का दौरा किया, जिसकी क्लाउड और वितरित कंप्यूटिंग में विशेषज्ञता है और केंद्र में 6जी वितरित क्लाउड, 6जी के लिए एआई, ग्रीन 6जी और उन्नत सेंसिंग तकनीकों पर अत्याधुनिक अनुसंधान होता है।
इसके अलावा, दूर संचार सचिव ने डिजिटल ट्विन्स में संभावित सहयोग, दूरसंचार सुरक्षा के लिए एआई, इथिकल एआई और एआई नवप्रवर्तन और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने पर चर्चा के लिए एलन ट्यूरिंग इंस्टीट्यूट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री जीन इनेस से भी मुलाकात की।
दूरसंचार सचिव ने स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय में स्कॉटलैंड के 5जी केंद्र और ग्लासगो विश्वविद्यालय के जेम्स वाट स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में 6जी अनुसंधान केंद्र का दौरा किया और 6जी नवाचार, भविष्य की संवेदन प्रौद्योगिकियों, 5जी स्टैक जैसी प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान तथा शैक्षणिक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए छात्रों के एक-दूसरे के देशों में जाने में सहयोग पर चर्चा की।
स्कॉटलैंड 5जी केंद्र 6जी अनुसंधान केंद्र में दूरस्थ दंत शल्य चिकित्सा का प्रदर्शन
ब्रिटेन-भारत दूरसंचार गोलमेज सम्मेलन और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
ब्रिटेन-भारत प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल (टीएसआई) के मजबूत आधार पर स्थित दूरसंचार प्राथमिकता का क्षेत्र बना हुआ है। इसी कड़ी में डीएसआईटी, बीटी और एरिक्सन जैसी प्रमुख व्यावसायिक संस्थाओं और एसओएनआईसी लैब्स, यूके टेलीकॉम लैब्स, टाइटन, जॉईनर नवाचार केंद्रों सहित ब्रिटेन के प्रमुख हितधारकों के साथ एक गोलमेज चर्चा आयोजित की गई। इसमें ब्रिटेन की अंतरिक्ष एजेंसी, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी, इनोवेट यूके और ब्रिटेन टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेटवर्क के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आपसी सहयोग के अवसरों पर चर्चा की। भारतीय उच्चायोग ने यूके टेलीकॉम इनोवेशन नेटवर्क (यूकेटीआईएन) के सहयोग से यह गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया। डॉ. नीरज मित्तल ने दूरसंचार क्षेत्र में भारत के नेतृत्व पहल और अगली पीढ़ी की नेटवर्क तकनीकों में तीव्र प्रगति का उल्लेख किया।
गोलमेज सम्मेलन के उपरांत, सोनिक लैब्स और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सीडीओटी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मोबाइल नेटवर्क संरचना- ओपन रेडियो एक्सेस नेटवर्क से संबंधित नीति और तकनीक पर केंद्रित है, जिसमें 5जी ओपन आरएएन और 4जी/5जी तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल है।