देश में और शांगुर बाबा कितने ?

अनिल विज अंबाला छावनी 19 जुलाई 2025

आजकल देश में शांगुर बाबा के धर्मपरिवर्तन, हवाला, एक साधारण आदमी से अरबपति बन जाने के चर्चे सारे देश में हैं ।

प्रश्न उठता है कि देश भर की इंटेलीजेंस एजेंसियां क्या कर रही हैं । देश में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कई प्रदेशों में सख्त कानून होने के बाद भी इतना बड़ा काम कैसे हो गया । यह एक दिन में तो नहीं हो सकता । बाहर के देशों से पैसा आता रहा, इतने बड़े स्तर पर धर्म परिवर्तन होता रहा, सारे देशभर में नेटवर्क फैलगया परन्तु किसी को पता नहीं चला ।

किसी व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक दबाव डालकर, धमकी देकर, या बलपूर्वक धर्म बदलने के लिए मजबूर करना अवैध है। दोखा देकर गलत बयानी, पहचान छिपाना, या झूठे वादे करके किसी को धर्म बदलने के लिए प्रेरित करना भी अवैध है ।

किसी की कमजोरी का फायदा उठाकर, आर्थिक मदद का लालच देकर, या किसी अन्य प्रकार के प्रलोभन से धर्म परिवर्तन भी गलत है ।कोई व्यक्ति अपने धर्म को छिपाकर या गलत तरीके से दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करता है और बाद में उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर करता है।

भारत में, सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि "प्रचार के अधिकार" में "धर्मांतरण का अधिकार" शामिल नहीं है।

देश में सैंकड़ों संस्थाएं हैं परंतु चाय पानी पीने, बड़े बड़े होटलों और क्लबों में जाने या राजनीति करने के अतिरिक्त इस बारे कुछ नहीं करती है । अगर नहीं जागे तो एक दिन हिन्दुस्तान हिंदुओं का देश नहीं रहा जायेगा ।

वैसे तो भारत में गली गली मोहल्ला मोहल्ला तथा प्रदेश देश में ऐसे कई शांगुर बाबा संगठन सक्रीय हैं जैसे इसाई धर्म परिवर्तन संस्थाएं ।

तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat)जमात-ए-इस्लामी हिंद (Jamaat-e-Islami Hind) आदि आदि ।

केवल विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जैसे संगठन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए भारत में कई प्रकार की गतिविधियाँ और पहलें चला रहे हैं।

VHP विभिन्न जागरूकता अभियान चलाता है जो हिंदू समुदाय को धर्म परिवर्तन के खतरों के बारे में सूचित करते हैं। ये अभियान सामाजिक मीडिया, पोस्टर, पैम्फलेट और सार्वजनिक सभाओं के माध्यम से चलाए जाते हैं।

RSS धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानूनी और राजनीतिक प्रयास करता है। वे ऐसे कानूनों का समर्थन करते हैं जो जबरन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन को रोकते हैं और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर दबाव डालते हैं। कुछ और धार्मिक स्थानों में भी धर्म परिवर्तन की बात कही जाती है

भारत में कई राज्यों ने धर्म परिवर्तन के विरुद्ध कानून बनाए हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा ने 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020' पारित किया।

मध्य प्रदेश ने 'मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2020' पारित किया।

गुजरात ने 'गुजरात धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2021' पारित किया।

हिमाचल प्रदेश ने 'हिमाचल प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया

उत्तराखंड ने 'उत्तराखंड धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया।

कर्नाटक ने 'कर्नाटक धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022' पारित किया।

हरियाणा में धर्म परिवर्तन विरुद्ध कानून, जिसे "हरियाणा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2022" के नाम से जाना जाता है ।

में धर्म परिवर्तन विरुद्ध कानून, जिसे "हरियाणा धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, खा जाता है पारित किया ।

परन्तु बाकी प्रदेशों के लोग, राजनेता तथा सरकारें कुंभकर्णी नींद में सो रहीं हैं । जागो क्या तब जागो गे जब सबकुछ लुट जाएगा ।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि धर्म परिवर्तन के संबंध में कानूनी और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। भारत में धर्म परिवर्तन के लिए कुछ राज्यों में विशेष कानून हैं जो इस प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।

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