28/03/25

भारत भर में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

आरएस अनेजा, 28 मार्च नई दिल्ली

दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए डिजिटल ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य नाबार्ड द्वारा समर्थित संस्थानों में ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। भारतनेट कार्यक्रम के तहत हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के माध्यम से डिजिटल सेवाओं, डिजिटल शासन तक पहुँच प्रदान करके और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर ऐसा किया जाएगा। 

इस सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

संदर्भ डेटा साझा करना: नाबार्ड संस्थानों के भू-निर्देशांक और संपर्क विवरण सहित जानकारी साझा करेगा और डीबीएन ग्राम पंचायतों (जीपी) में भारतनेट पॉइंट ऑफ़ प्रेजेंस (पीओपी) स्थानों के भू-निर्देशांक साझा करेगा, जहाँ से ग्रामीण संस्थानों/उद्यमों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

  • डिजिटल सामग्री साझा करना: दोनों पक्ष अपनी योजनाओं और परियोजनाओं से संबंधित डिजिटल सामग्री (ऑडियो/वीडियो/पाठ) एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे।

  • डिजिटल सेवा एकीकरण: दोनों पक्ष सूचना के आगे एकीकरण और प्रसार के लिए अपनी डिजिटल सेवाओं/नागरिक-केंद्रित अनुप्रयोगों/पोर्टलों/ई-गवर्नेंस प्लेटफार्मों पर जानकारी साझा करेंगे।

  • जागरूकता और क्षमता निर्माण: दोनों पक्ष स्टार्ट-अप, उद्यमियों और ग्रामीण संस्थानों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण उपायों पर सहयोग करेंगे।

  • डिजिटल अर्थव्यवस्था को सक्षम करने के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड एक्सेस: दोनों पक्ष भारतनेट का उपयोग करके हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर डिजिटल अर्थव्यवस्था को सक्षम करने के लिए एक-दूसरे के प्रयासों को बढ़ावा देंगे।

  • आईसीटी अवसंरचना का समावेशन: नाबार्ड अपनी योजनाओं और परियोजनाओं के अंतर्गत संस्थानों को ब्रॉडबैंड पहुंच सहायता सहित आईसीटी अवसंरचना के समावेशन को बढ़ावा देगा।

डीबीएन ने देश भर में ग्राम पंचायतों (जीपी) और गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और मोबाइल कनेक्शन को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतनेट के तहत हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के माध्यम से यह सहयोग नाबार्ड द्वारा समर्थित और कम्प्यूटरीकृत प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों जैसी संस्थाओं को डिजिटल प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

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