श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध : श्रम मंत्री अनिल विज
चण्डीगढ़, 12 मई – हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रमिक देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 34 स्थानों पर ईएसआईसी अस्पतालों एवं औषधालयों का निर्माण एवं विस्तार कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों को उनके नजदीक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इस संबंध में आज श्रम मंत्री अनिल विज ने ईएसआईसी विभाग के अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सभी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ईएसआईसी के माध्यम से संचालित सभी निर्माण कार्यों और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा, देरी या लंबित कार्य हैं, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक माह स्वयं उनके द्वारा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल का 98 प्रतिशत से अधिक सिविल कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, जिला रेवाड़ी के बावल में बन रहे 150 बिस्तरों के ईएसआई अस्पताल का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि रोहतक में 150 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल तथा मानेसर में 500 बिस्तरों का अत्याधुनिक ईएसआई अस्पताल स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, जिनका कार्य जल्द शुरू होगा। इसके अतिरिक्त सोनीपत के बारही और राई स्थित ईएसआई डिस्पेंसरियों का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पंचकूला की ईएसआई डिस्पेंसरी को संचालित भी कर दिया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि अंबाला में 100 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल, हिसार में 100 बिस्तरों का अस्पताल, सोनीपत में 150 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल तथा करनाल में 30 बिस्तरों के अस्पताल के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईएमटी रोहतक, साहा, सोहना, खरखौदा, नूंह, गोहाना, पानीपत, कुरुक्षेत्र, झाड़ली, पटौदी, कुंडली, बहालगढ़, तरावड़ी, घरौंडा, झज्जर, कैथल, फर्रुखनगर, कोसली, चरखी दादरी, छछरौली, दादरी टोए और मुलाना में ईएसआई डिस्पेंसरियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
विज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं, आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है तथा ईएसआईसी सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार, ईएसआई की निदेशक सुश्री अंजलि सचदेवा, ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक हरिओम प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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