04/09/25

GST की दरों में बदलाव से आर्थिक विकास, निवेश और मांग बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गति आएगी । नरेंद्र मोदी इज ग्रेट ।

जीएसटी दरों में हाल के बदलावों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और आम लोगों पर वित्तीय बोझ कम करना है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।

इस से महंगाई कम होगी । 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने और कई वस्तुओं को 5% और 18% के स्लैब में लाने से दैनिक उपयोग की कई चीजें सस्ती हो गई हैं।

कीमतें. कम होने से लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा होगा, जिससे मांग बढ़ेगी और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

सेलैब कम होने से आम जनता और छोटे कारोबारियों के लिए जीएसटी प्रणाली को समझना और उसका पालन करना आसान हो जाएगा।

कर व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे कर चोरी को रोकना आसान होगा।

दरें कम होने से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति है।

व्यवसायों के लिए आसानी: सरल कर प्रणाली से अनुपालन का बोझ कम होगा, जिससे विशेषकर छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लाभ होगा।

उन मामलों में जहां तैयार उत्पादों पर कर कच्चे माल की तुलना में कम था, उसे ठीक किया गया है, जिससे व्यवसायों को कार्यशील पूंजी के मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी।

किन दरों में बदलाव हुआ है?

जीएसटी परिषद ने हाल ही में चार-स्तरीय कर संरचना (5%, 12%, 18% और 28%) को दो मुख्य दरों - 5% और 18% - में बदलने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त, कुछ विशेष वस्तुओं के लिए 40% की एक नई दर भी पेश की गई है।

किस दर में कमी हुई है?

* 12% से 5%:

* घी, पनीर, मक्खन और कुछ अन्य दूध उत्पाद

* नमकीन, भुजिया और अन्य तैयार स्नैक्स

* जूते-चप्पल और कपड़े (₹2500 तक)

* बालों का तेल, शैंपू, टूथपेस्ट, साबुन

* साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान

* कुछ जीवन रक्षक दवाएं और चिकित्सा उपकरण

* कृषि उपकरण और ड्रिप सिंचाई प्रणाली

* पेंसिल, शार्पनर, नोटबुक और अन्य स्टेशनरी आइटम (कुछ को शून्य कर दिया गया है)

* 18% से 5%:

* हवाई जहाज के कल-पुर्जे

* कुछ सौर ऊर्जा उपकरण

* कुछ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएँ

* 28% से 18%:

* एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन जैसे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएँ

* 32 इंच से बड़े टेलीविज़न

* डिश वॉशिंग मशीन

* छोटी कारें और 350 सीसी से कम की मोटरसाइकिलें

* 18% से 0% (कर मुक्त):

* व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा

किस दर में वृद्धि हुई है?

* 28% से 40%:

* पान मसाला, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद

* एरेटेड वाटर (सोडा) और अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थ

* अल्ट्रा-लक्जरी वस्तुएं, जैसे बड़ी और महंगी कारें

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य आम आदमी के लिए चीजों को सस्ता बनाना है, जबकि 'सिन गुड्स' (Sin Goods) और लक्जरी वस्तुओं पर कर बढ़ाना है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होने की उम्मीद है।

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