हरियाणा के निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार का शिकंजा: अब बस्ते का वजन और खरीद के नियम होंगे तय

हरियाणा, 20 अप्रैल (अन्‍नू): हरियाणा के शिक्षा विभाग ने राज्य के निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर डाले जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आरटीई एक्ट 2009 और राज्य के शिक्षा नियमों को ताक पर रखकर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने या विशेष दुकानों से यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री लेने के लिए मजबूर करना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है। पानीपत के जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि शिक्षा को मुनाफे का जरिया बनाने की किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्राथमिकता और पारदर्शिता के निर्देश

निदेशालय के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, स्कूलों को अनिवार्य रूप से एनसीईआरटी (NCERT) और सीबीएसई (CBSE) द्वारा अनुमोदित पुस्तकों का ही उपयोग करना होगा। स्कूलों द्वारा छात्रों पर गैर-जरूरी संदर्भ पुस्तकें खरीदने या बार-बार यूनिफॉर्म का डिजाइन बदलने का दबाव बनाना नियमों के खिलाफ है। इन आदेशों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को जवाबदेही सौंपी गई है। साथ ही, आम जनता की शिकायतों को सुनने के लिए जिला स्तर पर विशेष ई-मेल और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं।


बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्कूली बस्ते का वजन निर्धारित

अत्यधिक भारी स्कूल बैग के कारण बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए विभाग ने बैग का वजन भी तय कर दिया है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने के कारण छात्रों को जबरन पानी की बोतल लाने के लिए बाध्य करने पर भी रोक लगा दी गई है। नई नीति के तहत कक्षाओं के अनुसार बैग का अधिकतम वजन इस प्रकार निर्धारित किया गया है: पहली से दूसरी कक्षा के लिए 1.5 किलोग्राम, तीसरी से पांचवीं के लिए 2 से 3 किलोग्राम, छठी से सातवीं के लिए 4 किलोग्राम, आठवीं से नौवीं के लिए 4.5 किलोग्राम और दसवीं कक्षा के लिए अधिकतम 5 किलोग्राम वजन ही मान्य होगा।



#HaryanaEducation #SchoolRules #PrivateSchools #EducationDepartment #StudentHealth #HaryanaNews #NoMoreArbitrariness #DanikKhabar

Previous

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, होरमुज़ जलडमरूमध्य पर खतरा। 22 अप्रैल की शांति वार्ता पर दुनिया की नजर।

Next

पलवल: ग्रामीण अंचलों में 'नारी शक्ति वंदन अभियान' की गूंज; लोकगीतों और भजनों से सशक्त हो रही हैं महिलाएं