दिल्ली पुलिस पर नकेल कसने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मकोका के तहत चौथा आरोपी जीशान अली गिरफ्तार

नई दिल्ली, 08 मई (अन्‍नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने सरकारी अधिकारियों और विशेष रूप से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से जबरन वसूली करने वाले एक संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस ने इस गिरोह के सक्रिय सदस्य जीशान अली को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पहले से गिरफ्तार मास्टरमाइंड राजकुमार उर्फ राजू मीणा के नेतृत्व में काम कर रहा था। इस मामले में अब तक मकोका (MCOCA) की सख्त धाराओं के तहत कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।



फर्जी वीडियो और वसूली का खेल

इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। गिरोह के सदस्य ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को चालान न काटने के बदले पैसे देने का लालच देते थे और चोरी-छिपे उनकी वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे। दिल्ली पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बाद में इन वीडियो को एडिट और मैनिपुलेट किया जाता था। आरोपी इन वीडियो के जरिए पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कराने, विभागीय जांच शुरू करवाने या भ्रष्टाचार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे लाखों रुपये की वसूली करते थे।



फर्जी 'नो एंट्री' स्टिकर का अवैध कारोबार

गिरफ्तार आरोपी जीशान अली पेशे से ट्रांसपोर्टर है और वह खुद के बनाए 'मर्का' या स्टिकर वाणिज्यिक वाहनों को सप्लाई करता था। जीशान का दावा होता था कि उसके स्टिकर लगे वाहनों का चालान नहीं होगा। अगर कोई पुलिसकर्मी जीशान के स्टिकर वाले वाहन का चालान करता था, तो वह उसे पुराने और फर्जी वीडियो दिखाकर धमकाता था। जांच में सामने आया है कि वह ट्रांसपोर्टरों से पैसे लेकर प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहनों के प्रवेश के लिए फर्जी 'नो एंट्री' स्टिकर का संगठित रैकेट चला रहा था।



पुराना आपराधिक इतिहास और बरामदगी

जीशान अली का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह दिल्ली और हरियाणा (पलवल व रोहतक) में पुलिस अधिकारियों को जाल में फंसाने, ब्लैकमेल करने और सरकारी काम में बाधा डालने के कई मामलों में शामिल रहा है। क्राइम ब्रांच ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसका उपयोग अपराध में किया जाता था। एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख और इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के नेतृत्व वाली टीम अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।



#DelhiPolice #CrimeBranch #MCOCA #CyberExtortion #DanikKhabarDelhi #MewatRacket #PoliceNews #DelhiCrime #Blackmailing #LegalAction #BreakingNews #DanikKhabar

Previous

जाजोद की बेटियों की आवाज बनी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता रात्रि चौपाल में की थी विज्ञान संकाय की मांग, सुबह होते-होते जारी हो गए आदेश

Next

होमबायर्स से धोखाधड़ी मामला: गुरुग्राम के बिल्डर और डायरेक्टर्स के खिलाफ CBI ने दाखिल की पांचवीं चार्जशीट