बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डीजीएम समेत 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा; लगा ₹2.70 करोड़ का जुर्माना
नई दिल्ली, 20 अगस्त (अन्नू): सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में चेन्नई स्थित सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन डीजीएम एन. वेंकाटाचलम सहित छह लोगों को 10-10 साल के कठोर कारावास (RI) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर कुल मिलाकर 2.70 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सजा पाने वालों में चार लोक सेवक—एन. वेंकाटाचलम (तत्कालीन डीजीएम, बैंक ऑफ इंडिया), एम. शिवकुमार (रिकॉर्ड क्लर्क), टी. दासरथन (वीएओ) और एम. मनिचावेलु (वीएओ) शामिल हैं। इनके अलावा दो आम नागरिकों एसएमटी ओ.पी. थमरई पू और पी. थंडापानी को भी कोर्ट ने दोषी पाया है।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पे थे ₹238.97 लाख; 2010 में दर्ज हुआ था केस:
238.97 लाख का फ्रॉड: सीबीआई ने बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर 19 मई 2010 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि मुख्य आरोपी ई. मुथुस्वामी और अन्य लोगों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची, फर्जी दस्तावेज पेश किए और धोखाधड़ी से ₹238.97 लाख का क्रेडिट फंड हड़प लिया।
चार्जशीट और सुनवाई: गहन जांच के बाद सीबीआई ने 28 दिसंबर 2011 को 5 सरकारी अधिकारियों और 7 आम नागरिकों सहित कुल 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
अन्य आरोपियों की स्थिति: सुनवाई के दौरान 4 निजी आरोपियों (ई. मुथुस्वामी, ए. विंसेंट, के. श्रीकांत और एम. जोथी) का निधन हो गया, जिससे उनके खिलाफ मामला समाप्त हो गया। एक आरोपी एसएमटी लावण्या को बरी कर दिया गया, जबकि एक अन्य लोक सेवक वी. उमापति के खिलाफ मामला अलग से चल रहा है।
#BankFraud #BankOfIndia #CBIAction #ChennaiNews #DanikKhabar #NationalNews
Previous
पानीपत: रिश्वतखोरी के मामले में असिस्टेंट DGFT गिरफ्तार; सीबीआई ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
Next