30/06/26

दिल्ली में EV क्रांति: नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी, ₹30 लाख तक की ई-कारों पर रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस माफ

नई दिल्ली, 30 जून (अन्‍नू): दिल्ली को वायु प्रदूषण से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण अनुकूल यातायात (क्लीनर ट्रांसपोर्ट) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार (29 जून) को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नई 'इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी' को मंजूरी दे दी है। इस नई बेहद महत्वाकांक्षी नीति के तहत दिल्ली में ₹30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों (Electric Cars) को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।

यह कड़ा और दूरगामी फैसला राजधानी में खासकर सर्दियों के दौरान होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस पॉलिसी को अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा जा रहा है। सरकार की योजना इसे 1 जुलाई 2026 से लागू करने की है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।

किस वाहन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी (परचेज इंसेंटिव)?

नई पॉलिसी में न केवल टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट दी गई है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सीधे नकद सब्सिडी यानी परचेज इंसेंटिव की भी बड़ी घोषणा की गई है:

  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: खरीदारों को पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की सब्सिडी मिलेगी।

  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: तिपहिया वाहनों के खरीदारों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • इलेक्ट्रिक ट्रक्स (N1 कैटेगरी): माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले लाइट कॉमर्शियल वाहनों (अधिकतम वजन 3,500 किलोग्राम तक) के खरीदारों को ₹1 लाख तक का खरीद इंसेंटिव मिलेगा।

  • स्क्रैपिंग इंसेंटिव: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले BS-IV या उससे पुराने फोर-व्हीलर मालिकों को अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप (कबाड़) करके नया इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर ₹1 लाख का अतिरिक्त स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।

हाइब्रिड वाहनों को बड़ा झटका: दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने साफ किया है कि हाइब्रिड (Hybrid) गाड़ियों के लिए कोई सब्सिडी या रियायत नहीं दी जाएगी। यह पॉलिसी पूरी तरह से जीरो-इमिशन (शून्य-उत्सर्जन) यानी विशुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही केंद्रित है।

चरणबद्ध तरीके से बंद होंगे पेट्रोल-CNG वाहन: टाइमलाइन जारी

दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने 'फेज्ड ट्रांजिशन प्लान' (चरणबद्ध बदलाव योजना) तैयार की है:

  • 1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल और केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (E-Auto) का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अन्य ईंधन वाले ऑटो पर पूरी रोक होगी।

  • 1 अप्रैल 2028 से: दिल्ली में नए पेट्रोल और सीएनजी (CNG) से चलने वाले टू-व्हीलर्स (बाइक व स्कूटर) का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इनकी जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक मॉडल्स ही रजिस्टर्ड हो सकेंगे।

₹15,000 करोड़ का बड़ा निवेश; इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे ₹8,000 करोड़

कैबिनेट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए CM रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति के माध्यम से अगले चार वर्षों में दिल्ली में करीब ₹15,000 करोड़ के कुल लाभ और निवेश की उम्मीद है।

  • इस बजट में से ₹7,000 करोड़ सीधे वाहन खरीदारों को मिलने वाले इंसेंटिव (सब्सिडी) पर खर्च किए जाएंगे।

  • शेष ₹8,000 करोड़ का उपयोग पूरी दिल्ली में मजबूत ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने और टैक्स रियायतों की भरपाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।

32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स और सब्सिडी के लिए बनेगा विशेष पोर्टल

इलेक्ट्रिक वाहनों की राह आसान करने के लिए दिल्ली सरकार पूरी राजधानी में 32,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। इसके अलावा, सब्सिडी और इंसेंटिव के दावों में पारदर्शिता लाने और वाहन मालिकों को तुरंत लाभ देने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पॉलिसी में इंसेंटिव पाने वाले पात्र वाहनों की संख्या पर कोई सीमा (कैपिंग) नहीं लगाई गई है, जिससे हर खरीदार को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा।

क्या होते हैं N1 कैटेगरी के ट्रक्स?

पॉलिसी के तहत ₹1 लाख की विशेष सब्सिडी पाने वाले N1 कैटेगरी के अंतर्गत वे हल्के व्यावसायिक वाहन (Light Commercial Vehicles) आते हैं, जिन्हें कमर्शियल सामान की ढुलाई के लिए डिज़ाइन किया जाता है। शर्त यह है कि इन वाहनों का अधिकतम ग्रॉस व्हीकल वेट (कुल वजन) 3,500 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। आमतौर पर स्थानीय भाषा में 'छोटा हाथी' या इसी तरह के छोटे लोडिंग टेंपो इस श्रेणी का हिस्सा होते हैं।

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