14 साल से फरार यूपी का खूंखार गैंगस्टर अर्जुन पासी गिरफ्तार, दिल्ली क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी कामयाबी
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी कुख्यात अपराधी अर्जुन प्रसाद उर्फ अर्जुन पासी को गिरफ्तार कर लिया है। 44 वर्षीय यह आरोपी साल 2012 से दिल्ली और पंजाब में डकैती और लूट के कई जघन्य मामलों में वांछित था। करीब 14 वर्षों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला यह अपराधी अंततः कानून के शिकंजे में आ गया है।
लंबी फरारी और वारदातों का सिलसिला
अर्जुन पासी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जो पिछले कई सालों से विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर दिल्ली के पंजाबी बाग, मोती नगर और पंजाब के लुधियाना स्थित मॉडल टाउन थाने में डकैती और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी इतना चालाक था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना पुश्तैनी गांव तक छोड़ दिया था और गोंडा के जानकी नगर की एक नई कॉलोनी में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।
सूझबूझ और सुनियोजित तरीके से दबोचा
इस गिरफ्तारी के पीछे क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम की कड़ी मेहनत है। एसीपी सतेंद्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील कलखांडे और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बुछाया। 11 अप्रैल 2026 को सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने गोंडा में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी को अदालत द्वारा पहले ही भगोड़ा (पीओ) घोषित किया जा चुका था।
चौंकाने वाले खुलासे और अनसुलझी गुत्थियां
पूछताछ के दौरान अर्जुन पासी ने कई बड़ी वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। 2012 में उसने पंजाबी बाग के एक बंगले में मां-बेटे को बंधक बनाकर 400 ग्राम सोना लूटा था। वहीं, 2016 में उसने मोती नगर के एक घर में एक नाबालिग को घरेलू नौकर बनाकर भेजा और वहां से 25 लाख के गहने और एक लाइसेंसी पिस्तौल चोरी करवाई थी। यह मामला अब तक अनसुलझा था। इसके अलावा, 2018 में लुधियाना में उसने अपने गैंग के साथ मिलकर 40 लाख रुपये नगद और सवा किलो सोना लूटने की वारदात को अंजाम दिया था।
शातिराना 'मोडस ऑपरेंडी' और गिरोह का जाल
अर्जुन पासी का गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य सबसे पहले किसी घर में नाबालिग को नौकर के रूप में रखते थे, जो घर की तिजोरी और सदस्यों की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाता था। इसके बाद रात के समय गिरोह के अन्य सदस्य हथियारबंद होकर धावा बोलते थे। लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने के लिए गोंडा का एक सुनार अनिल सोनी इनका मुख्य साथी था। अर्जुन के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, यूपी और पंजाब में डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के करीब 20 मामले दर्ज हैं।
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