डिजिटल इंडिया की नई पहल: खेती किए गए औषधीय पौधों के लिए अब ऑनलाइन मिलेगा 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन'

आरएस अनेजा, 5 फरवरी नई दिल्ली - पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय, नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी (NBA) ने खेती किए गए औषधीय पौधों के लिए एक्सेस और बेनिफिट शेयरिंग छूट चाहने वाले स्टेकहोल्डर्स को सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने की सुविधा के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित और चालू किया है।

यह पोर्टल एप्लीकेशन प्रोसेस करने और सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन जारी करने के लिए एक सिंगल-विंडो, एंड-टू-एंड ऑनलाइन सिस्टम के रूप में काम करता है। इसे https://absefiling.nbaindia.in/ पर एक्सेस किया जा सकता है।

बायोलॉजिकल डायवर्सिटी (अमेंडमेंट) एक्ट, 2023 संसद द्वारा 25 जुलाई 2023 को लोकसभा और 1 अगस्त 2023 को राज्यसभा द्वारा बिल पास होने के बाद लागू किया गया था। MoEFCC ने 2024 और 2025 में बायोलॉजिकल डायवर्सिटी रूल्स को नोटिफाई किया।

संशोधित एक्ट के प्रावधानों को लागू करने और AYUSH सेक्टर, बीज सेक्टर और रिसर्च संस्थानों सहित सभी स्टेकहोल्डर समूहों की प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2024 और 2025 में बायोलॉजिकल डायवर्सिटी रूल्स को नोटिफाई किया।

संशोधित नियम एक निर्दिष्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खेती किए गए औषधीय पौधों के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन के इलेक्ट्रॉनिक जेनरेशन का प्रावधान करते हैं।

#DigitalIndia #CertificateOfOrigin #MedicinalPlants #OnlineInitiative #Nutrition #HerbalHealing #SustainableAgriculture #Ayurveda #HealthAndWellness #EcoFriendly #GreenLiving #OrganicFarming #PlantMedicine #HealthInnovation #LocalEssence #HealthcareAccess #CultivatedPlants #TraditionalMedicine #Empowerment

Previous

डिजिटल इंडिया की नई छलांग: 'SATYA' पोर्टल के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता का आगाज़

Next

विकसित भारत @2047: ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के साथ ऊर्जा क्रांति का आगाज़