रायबरेली जिला अस्पताल की शर्मनाक घटना पर डिप्टी सीएम का बड़ा एक्शन: मरीज को लात मारने वाली सफाईकर्मी पिंकी तत्काल प्रभाव से निलंबित

रायबरेली, 1 जुलाई (अन्‍नू): उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला चिकित्सालय से एक बेहद विचलित और शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी द्वारा लाचार मरीज के साथ बर्बरता और अभद्रता की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। डिप्टी सीएम के कड़े रुख और तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई के निर्देश के बाद आरोपी कर्मचारी को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?

राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर रायबरेली जिला अस्पताल का एक वीडियो तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा था।

  • अमानवीय व्यवहार: इस वीडियो में अस्पताल में तैनात पिंकी नामक एक सफाईकर्मी एक असहाय मरीज के साथ बेहद अमानवीय और क्रूर व्यवहार करती नजर आ रही थी।

  • पैर से मारा और दी गालियां: आरोपी कर्मी ने न केवल मरीज के साथ अभद्र और गंदी भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उसे पैर से (लात) भी मारा। स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार संस्थान में मरीज के साथ हुए इस कृत्य को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया, जिसके बाद सीधे शासन स्तर से कार्रवाई की गाज गिरी।

डिप्टी सीएम के निर्देश पर सीएमएस ने किया सस्पेंड

बयान के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के कड़े दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए रायबरेली जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉक्टर पुष्पेन्द्र कुमार ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने आरोपी सफाईकर्मी पिंकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) करने के आदेश जारी कर दिए।

अधिकारियों ने बताया कि निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी कर्मी पिंकी को जिला चिकित्सालय के आयुष विभाग की ओपीडी (OPD) से संबद्ध (Attach) किया गया है।

कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत होगी 3 सदस्यीय जांच

अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध विभागीय जांच सुनिश्चित करने के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति निर्धारित समय के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी कर्मी पिंकी का यह घिनौना कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियमों और प्रावधानों के पूरी तरह से प्रतिकूल (खिलाफ) पाया गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी विधिवत रूप से प्रारंभ कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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