नव चयनित पटवारियों की प्रशिक्षण अवधि डेढ़ वर्ष की बजाय होगी एक वर्ष, प्रशिक्षण अवधि भी सेवा में होगी शामिल -मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 7 जनवरी (अभी) - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को पंचकूला में आयोजित 2605 नव चयनित पटवारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नव चयनित पटवारियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की अवधि डेढ़ वर्ष से कम कर एक वर्ष करने की घोषणा की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा की अब से प्रशिक्षण की अवधि भी पटवारी की सेवा में शामिल होगी। विभाग में ज्वाइनिंग के दिन से ही पटवारी की सेवाएं शुरू हो जाएँगी। मुख्यमंत्री ने नव चयनित पटवारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहला अवसर है जब प्रदेश में पहली बार एक साथ 2605 नए पटवारियों की भर्ती की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी पटवारियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे सभी ईमानदारी और पारदर्शिता के पथ पर चलते हुए जनता के साथ संवाद स्थापित कर आम लोगों की समस्याओं का तत्परता से समाधान करने की दिशा में कार्य करें। साथ ही, विभाग की सभी प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाते हुए तकनीकी और प्रशासनिक नवाचारों को भी अपनाये।
पूर्ववर्ती सरकारों में हरियाणा प्रदेश में नौकरियों में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी नौकरियों की लिस्ट जारी होने से पहले ही अखबारों की हैडलाइन बन जाती थी। ऐसी व्यवस्था से पात्र युवा नौकरी से वंचित रह जाता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस व्यवस्था को बदलने का काम वर्तमान राज्य सरकार ने किया है। आज प्रदेश में बिना खर्ची-पर्ची के गरीब परिवार का युवा मेरिट के आधार पर एचसीएस भर्ती हो रहा है। अब किसी भी युवा को नौकरी के लिए किसी एमएलए या मंत्री के दरबार में हाज़िरी नहीं लगानी पड़ती। वर्तमान सरकार ने नौकरियों में पारदर्शी भर्ती सिस्टम खड़ा करके युवाओं की मेहनत को सम्मान दिया है। मेरिट के आधार पर खर्ची-पर्ची के बिना नौकरी का यह अधिकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने उपलब्ध करवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान वायदा किया था की दोबारा शपथ लेने से पहले 24,000 युवाओं को सरकारी नौकरी ज्वाइन करवाएंगे और इस वचन को उन्होंने निभाया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं में भी विश्वास जगा है कि नौकरी किसी के चक्कर काटने से नहीं बल्कि पढ़ने से मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसे अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि, सूखा आदि में किसानों को राहत प्रदान करने में पटवारी की बड़ी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब पात्र किसान को फसल नुकसान का मुआवज़ा नहीं मिलता था, जबकि अपात्र लोग मुआवज़ा ले जाते थे। आज के डिजिटलीकरण के युग में ड्रोन और सैटेलाइट आदि की भी सुविधा है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान की स्थिति में पटवारी का दायित्व है कि सही आंकड़े सरकार को दें ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारियों को मिली यह जिम्मेदारी एक नौकरी नहीं है बल्कि एक सेवा है। उन्होंने पटवारियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।