संगठित अपराध पर दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: ज़ोन-1 के अधिकारियों के लिए 'मकोका' और 'एनडीपीएस एक्ट' पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित
नई दिल्ली, 6 जून (अन्नू): राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और अंतरराज्यीय नशा तस्करों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Programme) का आयोजन किया गया। यह विशेष प्रशिक्षण शिविर मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के ज़ोन-1 के पुलिस अधिकारियों और कप्तानों के लिए आयोजित किया गया, ताकि वे मकोका और एनडीपीएस जैसे कड़े कानूनों का जमीनी स्तर पर सटीक व अचूक इस्तेमाल कर सकें।
शीर्ष आला अधिकारियों की मौजूदगी में मझा जांच का ककहरा
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (L&O, ज़ोन-1), जॉइंट सीपी (उत्तरी रेंज/NR), डीसीपी रोहिणी (DCP Rohini) और दिल्ली पुलिस के कई अन्य वरिष्ठ आईपीएस व प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ज़ोन-1 के अधीन आने वाले विभिन्न जिलों के एसीपी, थाना प्रभारियों (SHOs) और मुख्य जांच अधिकारियों (IOs) ने हिस्सा लिया।
मकोका, एनडीपीएस और पिट-एनडीपीएस की कानूनी कड़ियों पर विशेषज्ञ सत्र
प्रशिक्षण शिविर के दौरान कानून और अपराध जगत के शीर्ष विशेषज्ञों के नेतृत्व में कई गहन सत्र (Expert-led sessions) आयोजित किए गए। इन सत्रों में अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े कानूनों की बारीकियाँ समझाई गईं:
MCOCA (मकोका): महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (जिसे दिल्ली में भी लागू किया गया है) के कड़े प्रावधान, इसके तहत मकोका गैंग को चिन्हित करना और संगठित सिंडिकेट के खिलाफ सबूत जुटाने के कानूनी तरीके।
NDPS Act (नशा तस्करी): मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत की जाने वाली कानूनी त्रुटिहीन बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया।
PITNDPS (पिट-एनडीपीएस): नशा तस्करों को बिना जमानत लंबे समय तक जेल में निरुद्ध रखने के लिए 'प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट' का प्रभावी इस्तेमाल।
केस स्टडीज से सीखे मकोका ड्राफ्टिंग के गुर; कसी जाएगी गैंगस्टरों पर नकेल
अक्सर देखा जाता है कि कानूनी तकनीकी कमियों या कमजोर ड्राफ्टिंग की वजह से बड़े अपराधी और गैंगस्टर कोर्ट से बच निकलते हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए इस वर्कशॉप में अधिकारियों को मकोका प्रस्ताव (MCOCA Proposal Drafting) तैयार करने का व्यावहारिक मार्गदर्शन (Practical Guidance) दिया गया।
अधिकारियों को पुरानी वास्तविक केस स्टडीज (Real Case Studies) और पूर्व में मिली सफल दोषसिद्धियों (Successful Convictions) के लाइव उदाहरण दिखाए गए। उन्हें सिखाया गया कि कैसे एक अचूक चार्जशीट और मकोका का प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिसे माननीय अदालत में चुनौती न दी जा सके।
जांच, कानूनी और अभियोजन क्षमताओं को किया जा रहा मजबूत
इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पुलिस की खोजी (Investigative), कानूनी (Legal) और अभियोजन (Prosecutorial) क्षमताओं को कई गुना अधिक मजबूत और अपग्रेड करना है। दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेनिंग के बाद जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों का कानूनी पक्ष बेहद मजबूत होगा, जिससे दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों (Organized Crime Gangs) को अदालत से सख्त सजा दिलाकर उनके पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकेगा।
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