दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी: ISI समर्थित आतंकी और हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 5 जुलाई (अन्नू): दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (Special Cell) ने देश की राजधानी को दहलाने की एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) द्वारा समर्थित एक आतंकी और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार कट्टर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए दिल्ली और पंजाब में कई जगह ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसके बाद तीन आरोपियों को पंजाब से और एक को दिल्ली से दबोचा गया।
गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों को उनके पाकिस्तानी आकाओं ने दिल्ली के बेहद संवेदनशील धार्मिक स्थलों (Religious Places) और पुलिस प्रतिष्ठानों (Police Establishments) की रेकी करने और वहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का एक बड़ा और खतरनाक टास्क सौंपा था।
पाकिस्तानी एजेंट शहजाद भट्टी के इशारे पर रची जा रही थी साजिश
पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के एक्टिव एजेंट शहजाद भट्टी और उसके स्थानीय सहयोगियों के सीधे संपर्क में थे। ये सभी भट्टी के इशारे पर ही दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के रडार से बचने के लिए ये आरोपी सामान्य कॉलिंग के बजाय अपने पाकिस्तानी आकाओं द्वारा विशेष रूप से मुहैया कराए गए विदेशी नंबरों और वर्चुअल इनक्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट (सशस्त्र कानून) की प्रासंगिक और गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
अमृतसर से हुई पहली गिरफ्तारी, ड्रोन से मंगवाते थे हथियार व ड्रग्स
स्पेशल सेल को खुफिया विभागों से एक पुख्ता इनपुट मिला था कि पाकिस्तान में बैठा आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले के लिए पंजाब के भोले-भाले या आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं को अपने जाल में भर्ती कर रहा है। सूचना मिलते ही स्पेशल सेल की एक विशेष टीम ने दोनों राज्यों में जाल बिछाया:
पहली गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने सबसे पहले पंजाब के अमृतसर के मजीठा रोड पर छापेमारी कर शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (उम्र 23 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अत्याधुनिक अर्ध-स्वचालित (Semi-Automatic) पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में शुभदीप ने कबूल किया कि वह पाकिस्तान स्थित आकाओं के संपर्क में था और भारत-पाक सीमा पर ड्रोन (Drone) के जरिए हथियार और मादक पदार्थों (ड्रग्स) की खेप प्राप्त कर रहा था।
सहयोगियों पर शिकंजा: शुभदीप की निशानदेही पर पुलिस ने पंजाब से ही उसके दो और मुख्य सहयोगियों गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि (उम्र 22 वर्ष) और साजन सिंह उर्फ हनी (उम्र 28 वर्ष) को धर दबोचा। इनके कब्जे से पुलिस को एक प्रतिबंधित जिगाना पिस्तौल (Zigana Pistol), 4 कारतूस और 2 मोबाइल फोन मिले।
दिल्ली से चौथा आरोपी गिरफ्तार: इन तीनों से मिली लीड के आधार पर स्पेशल सेल ने दिल्ली में दबिश देकर चौथे आरोपी गगनप्रीत (उम्र 24 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को गगनप्रीत के मोबाइल फोन से कई बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े हैं।
विदेशी हथियारों समेत 5 मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान आरोपियों के पास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात एक 'जिगाना पिस्तौल', एक .30 बोर की पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और 5 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों को फॉरेंसिक और साइबर जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं के नेटवर्क और भारत में मौजूद अन्य स्लीपर सेल्स (Sleeper Cells) का पूरी तरह पता लगाया जा सके। स्पेशल सेल की टीमें अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर इनसे आगे की कड़ी पूछताछ कर रही हैं।
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