24/06/26

दिल्ली: सेंट्रल विस्टा के लिए डीएमआरसी की बड़ी पहल: केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू, बनेगा ट्रिपल-इंटरचेंज हब

नई दिल्ली, 24 जून (अन्‍नू): दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों और केंद्रीय मंत्रालयों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बुधवार को सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर (Central Vista Corridor) को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्रीय सचिवालय (Central Secretariat) मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है।

यह नया स्टेशन मेट्रो के फेज-IV (ए) के तहत विकसित की जा रही मैजेंटा लाइन के 'जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम मार्ग विस्तार परियोजना' का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य के शुभारंभ के ऐतिहासिक अवसर पर देश के केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, डीएमआरसी के अध्यक्ष कटिकिथला श्रीनिवास तथा मेट्रो व मंत्रालय के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना के तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर लेआउट का जायजा लिया।

अब 'ट्रिपल-इंटरचेंज' स्टेशन बनेगा केंद्रीय सचिवालय

डीएमआरसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय सचिवालय स्टेशन को अब एक भव्य और अत्याधुनिक 'ट्रिपल-इंटरचेंज' (Triple-Interchange) स्टेशन के रूप में अपग्रेड और विकसित किया जाएगा:

  • तीन लाइनों का महासंगम: यहाँ नई बन रही मैजेंटा लाइन का भूमिगत स्टेशन, पहले से ही मौजूद यलो लाइन (समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर/मिलेनियम सिटी सेंटर) और वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट से राजा नाहर सिंह) के साथ सीधे कनेक्ट हो जाएगा।

  • घटेगा यात्रियों का समय: इस ट्रिपल-इंटरचेंज की वजह से यात्रियों को लाइन बदलने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उनका कीमती समय बचेगा।

  • सरकारी कर्मचारियों को तोहफा: इससे लुटियंस दिल्ली, नॉर्थ-साउथ ब्लॉक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और प्रशासनिक क्षेत्रों तक डेली अप-डाउन करने वाले हजारों सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को सीधी व सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी।

9.9 किलोमीटर लंबा होगा पूरा रूट; ये होंगे 9 भूमिगत स्टेशन

करीब 9.913 किलोमीटर लंबे इस पूरे अंडरग्राउंड (भूमिगत) कॉरिडोर में सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए कुल 9 नए भूमिगत स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह रूट नई दिल्ली के दिल और देश के गौरवशाली स्मारकों के नीचे से गुजरेगा। स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:

  1. शिवाजी स्टेडियम (Shivaji Stadium)

  2. युगे युगीन भारत (Yuge Yugeen Bharat)

  3. केंद्रीय सचिवालय (Central Secretariat)

  4. कर्तव्य भवन (Kartavya Path / Kartavya Bhavan)

  5. इंडिया गेट (India Gate)

  6. वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट (War Memorial - High Court)

  7. बड़ौदा हाउस (Baroda House)

  8. भारत मंडपम (Bharat Mandapam)

  9. इंद्रप्रस्थ (Indraprastha)

लुटियंस दिल्ली और प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों तक आसान पहुंच

डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह विशेष परियोजना नई दिल्ली के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, देश के सर्वोच्च न्यायिक संस्थानों (हाई कोर्ट/सुप्रीम कोर्ट), विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय स्मारकों और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटरों (जैसे भारत मंडपम) तक कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएगी। इसके चालू होने से पूरे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की परिचालन दक्षता (Efficiency) में भारी बढ़ोतरी होगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।

परियोजना की एक नजर में प्रमुख विशेषताएं:

  • लंबाई: 9.913 किलोमीटर लंबा पूर्णतः भूमिगत (Underground) कॉरिडोर।

  • स्टेशन: कुल 9 नए अत्याधुनिक भूमिगत स्टेशनों का निर्माण।

  • रूट विस्तार: मैजेंटा लाइन का जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक सीधा विस्तार।

  • कनेक्टिविटी: सेंट्रल विस्टा, प्रशासनिक ब्लॉक और लुटियंस दिल्ली को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना।

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