झज्जर: लगातार बारिश और जमीन का चोंवा (जलस्तर) ऊपर आने से आरा मशीनों पर संकट; खाइयों में भरा पानी, लकड़ी कटाई का काम ठप
झज्जर, 10 अगस्त (अन्नू): झज्जर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब आम जनजीवन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और कारोबार को भी बुरी तरह प्रभावित करने लगी है। बारिश के कारण जमीन का चोंवा ऊपर आने से झज्जर शहर की आरा मशीनों (Saw Mills) पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। शहर में संचालित करीब 10 आरा मशीनों की खाइयों (Pits) में लगभग एक-एक फीट तक पानी भर गया है, जिससे मशीनों के चक्के पानी में डूब गए हैं और लकड़ी की चिराई व कटाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
मोटर पंप भी साबित हो रहे बेअसर; सप्लाई चेन हुई प्रभावित
जलभराव से मशीनें ठप: आरा मशीन संचालक मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकालने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जमीन के नीचे से लगातार निकल रहे पानी (चोंवा) और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण खाइयों में पानी दोबारा भर जाता है।
लकड़ी की सप्लाई रुकी: स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, एक आरा मशीन पर प्रतिदिन औसतन लगभग 700 किलोग्राम लकड़ी की कटाई होती है। यहां से तंदूरी गुटका, इमारती चिरान लकड़ी और ईंधन की लकड़ी दुकानदारों, होटलों व ग्राहकों तक पहुंचती है। फिलहाल व्यापारी अपने पुराने स्टॉक से काम चला रहे हैं, लेकिन यदि मशीनें लंबे समय तक बंद रहीं तो बाजार में लकड़ी का संकट पैदा हो सकता है।
तंदूरी दुकानों और ईंट-भट्टों तक पहुंचा असर
आरा मशीन संचालक मुकेश जांगड़ा, श्रीकृष्ण उर्फ भोली, लोकेश जांगड़ा, श्याम लाल, कालू पंडित और रामधारी ने बताया कि मंगलवार से ही चोंवा ऊपर आने के कारण मशीनों की खाइयों में पानी भरना शुरू हो गया था। पानी चक्कों तक पहुंच जाने के कारण मशीनों को चलाना सुरक्षा की दृष्टि से भी असंभव हो गया है। इसका सीधा असर तंदूरी ढाबों, होटलों, ईंट-भट्टों और ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन सप्लाई पर पड़ने लगा है।
हर साल की समस्या; प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
आरा मशीन संचालकों ने जिला प्रशासन से जल निकासी (Water Drainage) के लिए तुरंत प्रभाव से पुख्ता इंतजाम करने की गुहार लगाई है। कारोबारियों का कहना है कि यह समस्या हर साल मानसूनी बारिश के दौरान सामने आती है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। यदि क्षेत्र में उचित ड्रेनेज सिस्टम बना दिया जाए तो कारोबारियों को होने वाले भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है।
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