03/07/26

नारनौल के बायो फ्यूल कारोबारियों से 9.30 लाख की ठगी: चरखी दादरी और भिवानी के व्यापारियों ने माल लेकर नहीं दिया भुगतान

नारनौल, 3 जुलाई (अन्‍नू): हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में बायो फ्यूल (Bio Fuel) के कारोबार से जुड़े दो बड़े व्यापारियों के साथ करीब 9.30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि चरखी दादरी, हिसार और भिवानी के कुछ शातिर कारोबारियों ने सुनियोजित तरीके से गिरोह बनाकर माल खरीदने के नाम पर लाखों रुपये का सामान मंगवा लिया, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। इतना ही नहीं, एक आरोपी ने तो सड़क हादसे का झूठा बहाना बनाकर इलाज के नाम पर भी हजारों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। शहर थाना नारनौल पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

पति-पत्नी की दो अलग-अलग फर्मों को बनाया निशाना

नारनौल की ईश्वर कॉलोनी निवासी वेदप्रकाश (प्रोपराइटर: वेदप्रकाश बायो एनर्जी ट्रेडिंग कंपनी) और उनकी पत्नी जयबाला (प्रोपराइटर: जेबी बायो एनर्जी) ने पुलिस को दी संयुक्त शिकायत में बताया कि अप्रैल 2026 में चरखी दादरी निवासी शंकर कुमार नाम के एक शख्स ने उनकी फर्म से संपर्क किया था। उसने बायो फ्यूल से संबंधित सामान खरीदने की इच्छा जताई और विश्वसनीयता कायम करने के लिए अपनी फर्म का जीएसटी (GST) नंबर और अन्य व्यापारिक दस्तावेज भी साझा किए। पीड़ितों को पूरा भरोसा दिलाने के लिए उसने शुरुआत में 30 हजार रुपये की राशि एडवांस के तौर पर भी भेज दी।

भरोसा जीतकर किस्तों में मंगवाया लाखों का माल, फिर बनाए बहाने

एडवांस पेमेंट मिलने के बाद पीड़ितों ने 9 अप्रैल को करीब 2.46 लाख रुपये का माल चरखी दादरी भेज दिया, जिसे आरोपियों ने रिसीव भी कर लिया। इसके बाद जब वेदप्रकाश ने अपने पैसों का भुगतान मांगा, तो आरोपियों ने कभी बैंक में तकनीकी दिक्कत (Technical Issue) तो कभी फोन-पे (PhonePe) काम न करने का बहाना बनाकर रकम टालनी शुरू कर दी।

इसी बीच इस नेटवर्क से जुड़े भिवानी निवासी धर्मवीर सोनी, सोमवीर जैन और अमित सोनी ने भी पीड़ित फर्म से माल की डिमांड की। पुराना भरोसा होने के कारण पीड़ितों ने करीब 1.98 लाख रुपये का सामान उन्हें भी भेज दिया, लेकिन इसकी भी कीमत अदा नहीं की गई। शिकायत के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने जयबाला की फर्म से 2.17 लाख रुपये और वेदप्रकाश की फर्म से दूसरी सप्लाई के रूप में 2.62 लाख रुपये का और सामान मंगवा लिया। इस तरह कुल मिलाकर करीब 9 लाख 30 हजार रुपये का माल डकार लिया गया।

एक्सीडेंट और इलाज का नाटक रचकर ऐंठे ₹35,800 अतिरिक्त

ठगी की हद तो तब हो गई जब आरोपियों में से एक सोमवीर ने वेदप्रकाश को फोन कर कहा कि उसका सड़क दुर्घटना (Road Accident) में एक व्यक्ति घायल हो गया है और इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है। उसने वेदप्रकाश के व्हाट्सएप पर अलग-अलग क्यूआर कोड (QR Code) भेजे। दयालुता दिखाते हुए वेदप्रकाश ने उसके झांसे में आकर तुरंत 35,800 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद सभी आरोपी लगातार जल्द भुगतान करने का आश्वासन देते रहे, लेकिन कुछ दिनों बाद सभी ने पीड़ितों के फोन उठाने बंद कर दिए। शक होने पर जब पीड़ित व्यापारी उनके दिए गए पते पर चरखी दादरी और भिवानी पहुंचे, तो वहां ग्राउंड पर ऐसी कोई फर्म ही मौजूद नहीं मिली।

एसपी ऑफिस में गुहार के बाद 2 जुलाई को दर्ज हुआ केस

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत गिरोह बनाकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में कई शिकायतें दी थीं, जिसके बाद अब जाकर कार्रवाई हुई है।

थाना शहर नारनौल पुलिस ने 2 जुलाई को प्राप्त औपचारिक शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों के लेनदेन (Bank Transactions), दिए गए दस्तावेजों और कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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