19/04/26

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का माइनिंग सेक्टर में राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने पर फोकस

एन.एस.बाछल, 19 अप्रैल, जयपुर।

राज्य के माइंस विभाग ने वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य संग्रहण की कवायद शुरु की है वहीं वित्तीय वर्ष के दौरान मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों और प्लॉटों के तैयार करने से लेकर ऑक्शन तक का कलेण्डर बनाने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों को राजस्व वसूली के सभी संभावित स्रोतों पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा और अवैध खनन पर कारगर रोक के लिए मिनरल क्षेत्रों में डेलिनियेशन, प्लॉट या ब्लॉक तैयार करने और ऑक्शन की टाइमलाईन बनाते हुए रोडमैप तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में बंद पड़ी खानों में उत्पादन आरंभ कराने की कवायद की जाएं ताकि बंद खानों में खनन आरंभ होने से आर्थिक विकास, रोजगार और राजस्व के अवसर विकसित हो सके।

एसीएस माइंस अपर्णा अरोरा खनिज भवन में विशिष्ट सचिव नम्रता वृष्णि, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य के माइनिंग सेक्टर को देश का अग्रणी सेक्टर बनाने, राजस्व संग्रहण के कारगर प्रयास और मिनरल ब्लॉकों की नीलामी पर जोर देते रहे हैं। उन्होेंने कहा कि माइंस विभाग राज्य के राजस्व में प्रमुखता से योगदान देने वाला विभाग है। हाल ही समाप्त  हुए वित वर्ष में 13 प्रतिशत विकास दर के साथ 10394 करोड़ रूपये का रेकार्ड राजस्व संग्रहित किया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 39 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 14001 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया है। उन्होंने इसे चुनौती के रुप में लेते हुए राजस्व वसूली के सभी संभावित स्रोतों पर अभी से फोकस करते हुए राजस्व संग्रहण का कार्यालयबार मासिक रोडमैप बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व छीजत के सभी संभावित क्षेत्रों पर प्रभावी रोक लगानी होगी।

एसीएस अपर्णा अरोरा ने वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल खोज, डेलिनियेशन, मेजर और माइनर मिनरल्स के ऑक्शन के लिए प्लॉट और ब्लॉक तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्री एम्बेडेड प्लॉट और ब्लॉक तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे नीलाम किये जाने वाले मिनरल ब्लॉक व प्लॉट शीघ्र परिचालन में आ सकेंगे। अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान व मुख्यकार्यकारी आरएसएमईटी आलोक प्रकाश जैन को इसके लिए प्रभारी अधिकारी बनाते हुए टाइम लाइन तय करते हुए मासिक रोडमैप बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन व रोडमैप बनने से क्रियान्वयन में आसानी होने के साथ ही मोनेटरिंग व्यवस्था चाक चोबंद हो सकेगी।

विशिष्ट सचिव माइंस नम्रता वृष्णि ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राजस्व संग्रहण के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही प्रयास जारी रखने होंगे।

निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष मंे राजस्व संग्रहण का नया रेकार्ड बनाया गया है।

अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर ने बताया कि राजस्व वसूली व मिनरल ब्लॉक तैयार करने का जल्द ही रोडमैप जारी कर क्रियान्वयन आरंभ किया जाएगा।

बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, अतिरिक्त निदेशक वाईएस सहवाल, विशेषाधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सुनील वर्मा, अधीक्षण खनि अभियंताओं में एनएस शक्तावत, डॉ. धर्मेन्द्र लोहार, प्रताप मीणा, जयगुरुबख्सानी, कमलेश्वर बारेगामा, एसपी शर्मा, ओपी काबरा, देवेन्द्र गौड़, एनके बैरवा, सुनील शर्मा, अविनाश कुलदीप, सत्यनारायण कुमावत, एमई जयपुर श्याम कापड़ी, अधीक्षण भूविज्ञानी संजय सक्सैना, नितिन चौधरी, अतिरिक्त निदेशक आईटी शीतल अग्रवाल, एडीजी गोपालाराम, एसजी नितिन चौधरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। 

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