लद्दाख मे केमिकल खाद की बिक्री और उपयोग पर परमानेंट बैन, नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये जुर्माना
जे कुमार लेह/लद्दाख, 19 जुलाई 2026: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को भारत का सबसे बड़ा प्रमाणित ऑर्गेनिक (जैविक) क्षेत्र बनाने की दिशा में वहाँ की सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसला लिया है। उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना के निर्देशों पर लद्दाख प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में रासायनिक और सिंथेटिक खादों (Chemical and Synthetic Fertilizers) की खरीद, वितरण, बिक्री, मार्केटिंग और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध (Permanent Ban) लगा दिया है। सरकार का यह आदेश जारी होते ही पूरे केंद्र शासित प्रदेश में लागू हो गया है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति, डीलर या कृषि इकाई इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए रासायनिक खाद की खरीद-बिक्री या खेती में इसका इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उस पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त कदम लद्दाख के संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र (Fragile Himalayan Ecosystem) को बचाने, मिट्टी और पानी के स्रोतों को संरक्षित करने और यहाँ की कृषि को दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन ने सभी किसानों और कृषि से जुड़ी संस्थाओं को केवल ऑन-फार्म और ऑफ-फार्म जैविक इनपुट (गोबर खाद, केंचुआ खाद और अन्य प्राकृतिक जैविक खाद) का ही उपयोग करने की सलाह दी है। उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि यह कदम लद्दाख को पूरी तरह से रासायनिक मुक्त और 'मॉडल ऑर्गेनिक क्षेत्र' के रूप में वैश्विक पटल पर स्थापित करेगा। इस आदेश को जमीन पर पूरी तरह लागू करने के लिए कृषि विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो बागवानी और ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर किसानों को जैविक खेती की ट्रेनिंग और जैविक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगा।
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