22 अप्रैल तक मनाया जा रहा है पोषण पखवाड़ा, पौष्टिक आहार के बारे में किया जाएगा जागरूक
चंडीगढ़, 09 अप्रैल (अभी) - भारत सरकार द्वारा 8 अप्रैल से लेकर 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है जिसका शुभारंभ हो चुका है। इस पखवाड़े के अंतर्गत प्रत्येक दिन में अलग-अलग थीम पर गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा किशोरियों तथा छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को बेहतरीन पोषण लेने के लिए जागरूक किया जाएगा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के अधिकारियों को निर्देश हैं कि इस पोषण अभियान के दौरान बच्चों के जीवन के पहले एक हजार दिनों पर ध्यान केंद्रित कर, गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए उचित पोषण सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार से पोषण सेवाओं के स्व-पंजीकरण और डिजीटल ट्रेकिंग को प्रोत्साहित किया जाए, कम्युनिटी बेस्ड मेनेजमेंट (सीएमएम) मॉड्यूल के माध्यम से प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन को मजबूत किया जाए। इसके अलावा , जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ आहार व स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को बढ़ावा दिया जाए।
प्रवक्ता ने बताया कि कुपोषण के शिकार बच्चे दिमागी तौर पर परिपक्व नहीं हो पाते जिससे न केवल उनका आत्मविश्वास कम होता है, बल्कि कई बीमारियां भी उन्हें जकड़ लेती हैं। कुपोषण के शिकार बच्चों को बचाने की जिम्मेदारी हम सब की है। उन्होंने बताया कि पोषण अभियान से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अविकसित एवं गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों में सुधार लाने के लिए सांझा प्रयास करें और ऐसे बच्चों की पहचान करके उनके पोषण में सुधार लाएं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा किशोरियों में भी पौष्टिक आहार लेने के लिए जागरूक करें।