10/05/26

रिलायंस ADA ग्रुप पर CBI का बड़ा एक्शन; मुंबई में 17 ठिकानों पर छापेमारी

मुंबई, 10 मई (अन्‍नू): केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, रिलायंस एडीए ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों—रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के संबंध में मुंबई में 17 स्थानों पर तलाशी ली गई। यह छापेमारी मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई है। जांच टीम ने इन कंपनियों के निदेशकों के आवासों के साथ-साथ उन मध्यस्थ कंपनियों (intermediary companies) के कार्यालयों पर भी दबिश दी, जिनके खातों का उपयोग बैंक फंड को डायवर्ट करने के लिए किया गया था।



27,337 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला

CBI द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के खिलाफ पिछले कुछ महीनों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC की शिकायतों पर कुल सात मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है, जिससे बैंकों और संस्थाओं को कुल मिलाकर लगभग 27,337 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं और यह भी खुलासा हुआ है कि एक ही पते से कई कंपनियां संचालित की जा रही थीं।



वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी और अदालती निगरानी


CBI की प्रेस रिलीज के अनुसार, इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के दो वरिष्ठ अधिकारियों, जॉइंट प्रेसिडेंट डी. विश्वनाथ और वाइस प्रेसिडेंट अनिल काल्या को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। डी. विश्वनाथ ग्रुप के बैंकिंग ऑपरेशंस के प्रभारी थे। विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले ग्रुप से जुड़े इन मामलों की जांच की निगरानी सीधे माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा की जा रही है।



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