25/10/25

बिहार चुनाव: महागठबंधन की एकता पर सवाल, राहुल-तेजस्वी 'फ्रेंडली फाइट' वाली सीटों पर प्रचार से बचेंगे?

पटना/बिहार 25 अक्टूबर- बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता लगातार विपक्षी महागठबंधन पर आंतरिक कलह का आरोप लगा रहे हैं। NDA नेताओं का दावा है कि महागठबंधन के दल आपस में ही 'लाठियां भांज रहे हैं' और एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। हालाँकि, महागठबंधन के नेता अपनी एकजुटता पर कायम हैं।

महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है, और उन्होंने धुआंधार चुनावी जनसभाएं शुरू कर दी हैं। लेकिन, दूसरे चरण के चुनाव में एक अहम सवाल खड़ा हो गया है कि जिन सीटों पर गठबंधन के मुख्य सहयोगी RJD और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहाँ कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव किसके समर्थन में प्रचार करेंगे?

दूसरे चरण में कुल छह विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहाँ महागठबंधन के सहयोगियों के बीच सीधी टक्कर है। इनमें से चार सीटें RJD और कांग्रेस के बीच, एक RJD-VIP के बीच, और एक कांग्रेस-CPI के बीच है।

'फ्रेंडली फाइट' वाली सीटों का विवरण:

  • सुल्तानगंज: यहाँ RJD के चंदन सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललन यादव से है। वहीं, NDA ने जदयू के ललित नारायण मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है।

  • कहलगांव: यहाँ RJD के रजनीश भारती का मुकाबला कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा से है। वहीं, NDA ने जदयू के शुभानंद मुकेश को चुनावी मैदान में उतारा है।

  • सिकंदरा: यहाँ RJD के उदयनारयण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के विनोद चौधरी से है। वहीं, NDA ने हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है।

  • नरकटियागंज: यहाँ RJD के दीपक यादव का मुकाबला कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय से है। वहीं, NDA ने भाजपा के संजय पांडेय को टिकट दिया है।

  • चैनपुर: इस सीट पर RJD के ब्रिज किशोर बिंद का मुकाबला VIP के गोविंद बिंद से है। वहीं, जदयू ने जमा खान को चुनावी मैदान में उतारा है।

  • करगहर: इस सीट पर कांग्रेस के संतोष मिश्रा का मुकाबला CPI के महेंद्र गुप्ता से है। वहीं, NDA ने जदयू के वशिष्ट सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

राहुल और तेजस्वी की प्रचार रणनीति पर अटकलें:

राजनीतिक पंडितों का आकलन है कि छठ महापर्व के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनाव प्रचार शुरू होने वाला है। तेजस्वी यादव ने 24 अक्टूबर से ही अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन वह अब तक 'फ्रेंडली फाइट' वाली सीटों पर नहीं गए हैं। सूत्रों के अनुसार, राहुल और तेजस्वी दोनों ही इन सीटों पर प्रचार करने से बचना चाहेंगे, ताकि गठबंधन के भीतर कोई अनावश्यक तनाव पैदा न हो।

महागठबंधन का एकता का दावा:

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महागठबंधन की एकता का पुरजोर समर्थन किया। गहलोत ने कहा कि महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है, और 243 सीटों में से केवल पाँच-छह सीटों पर ही आपसी सहमति से 'फ्रेंडली फाइट' हो सकती है। उन्होंने कहा, "हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे, कहीं कोई दिक्कत नहीं है।" गहलोत ने NDA पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि NDA ने अब तक सीएम चेहरा घोषित नहीं किया, जिससे लगता है कि भाजपा, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती है।

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