सावधान! पानी का बिल जमा करने के नाम पर सेना के कर्नल से 8.83 लाख की साइबर ठगी, जालसाजों ने व्हाट्सएप कॉल से बुना जाल
चंडीगढ़, 15 फ़रवरी (अन्नू): चंडीगढ़ में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका अपनाते हुए भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को अपना शिकार बनाया है। टेरिटोरियल आर्मी ग्रुप मुख्यालय, वेस्टर्न कमांड (सेक्टर-8) में तैनात डिप्टी कमांडर कर्नल दीपक कटोच के साथ पानी का बिल बकाया होने के नाम पर 8.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-17 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ठगी की शुरुआत 5 फरवरी की शाम को हुई, जब कर्नल कटोच के पास एक अज्ञात व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को जम्मू-कश्मीर के जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (PHE) विभाग का कर्मचारी बताया। जालसाज ने कर्नल को डराया कि उनका पानी का बिल लंबे समय से लंबित है और यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया, तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। अधिकारी को झांसे में लेने के बाद, ठग ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और उन्हें एक 'एपीके (APK) फाइल' डाउनलोड करने को कहा।
जैसे ही कर्नल ने वह फाइल डाउनलोड की, उनका फोन हैकर्स के नियंत्रण में आ गया। इसके बाद आरोपियों ने उनसे उपभोक्ता नंबर और बैंक कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। शुरुआत में कार्ड से भुगतान विफल (Failed) होने का नाटक किया गया, जिसके बाद कर्नल को नेट बैंकिंग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ ही देर में अधिकारी के फोन पर संदेश आया कि उनकी एफडी (FD) को समय से पहले बंद कर दिया गया है और 13.72 लाख रुपये उनके बचत खाते में डाल दिए गए हैं।
इससे पहले कि कर्नल कुछ समझ पाते, जालसाजों ने अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से 8.83 लाख रुपये उड़ा लिए। अपनी जमा पूंजी को गायब होते देख उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फिलहाल, साइबर सेल की टीम उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की डिजिटल कुंडली खंगाल रही है, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई है। पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे अनजान नंबरों से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड करें।
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