17/01/26

अंबाला कैंटोनमेंट बोर्ड का बड़ा कदम: अब पेड़ों की सुरक्षा के लिए जारी होंगे विशेष नंबर, कंक्रीट से मुक्त होंगी जड़ें

अंबाला, 17 जनवरी (अन्‍नू ): छावनी परिषद अंबाला (कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली हरियाली को सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत बोर्ड प्रशासन सैन्य क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और सभी आठ वार्डों में लगे पेड़ों की गिनती कर रहा है। अंबाला कैंट के इस इलाके में लगभग 11,000 पेड़ मौजूद हैं, जिनमें से कई वृक्ष ऐतिहासिक महत्व के हैं। विशेषकर पटेल पार्क में स्थित कुछ पेड़ तो 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। इन पुराने पेड़ों की लंबी उम्र और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए कीटनाशकों के छिड़काव और वैज्ञानिक तरीके से कटाई-छंटाई की विशेष प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


इस गणना अभियान के तहत अब तक करीब 6,500 पेड़ों को विशिष्ट पहचान नंबर (Numbering) आवंटित कर दिया गया है। फिलहाल यह कार्य मॉल रोड, स्टाफ रोड, रेसकोर्स रोड और नेपियर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में तेजी से चल रहा है। गणना का मानक यह तय किया गया है कि जिस भी पेड़ की मोटाई 30 सेंटीमीटर से अधिक है, उसे आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। इससे पहले बोर्ड ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए उन पेड़ों को कंक्रीट और टाइलों के चंगुल से मुक्त कराया था, जिनकी जड़ें निर्माण कार्यों की वजह से दब गई थीं।


पेड़ों की इस विरासत को सहेजने के लिए एक विशेष टीम मुस्तैद की गई है। इस पूरी निगरानी प्रक्रिया का नेतृत्व बागवानी विशेषज्ञ दीपक सागर कर रहे हैं, जिनके साथ पांच कुशल मालियों की टीम तैनात है। यह टीम रोजाना पार्कों और सड़कों के किनारे लगे पौधों की स्थिति की जांच करती है। बोर्ड का लक्ष्य न केवल पुराने पेड़ों को बचाना है, बल्कि नए पौधे लगाकर क्षेत्र के हरित आवरण को और अधिक सघन बनाना है।


"बोर्ड क्षेत्र को हरा-भरा रखने के लिए नए पौधे रोपित किए जा रहे हैं, वहीं इनके रख-रखाव को लेकर भी गणना की जा रही है। बोर्ड क्षेत्र में लगभग 11 हजार के करीब पेड़ हैं। इनमें से 6500 पेड़ों पर नंबर प्लेट लगा दी गई हैं ताकि कोई इन पेड़ों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न कर सके।" — राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।



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