06/04/26

अंबाला: धार्मिक सामग्री को इधर-उधर फेंकने से रोकने के लिए अभियान शुरू

अंबाला, 6 अप्रैल (अन्‍नू):  अंबाला सिटी में धार्मिक श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया गया है। अब पूजन सामग्री और पुराने धार्मिक अवशेषों का वैज्ञानिक व विधिपूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इस मुहिम का उद्देश्य नदियों को दूषित होने से बचाना और पेड़ों के नीचे फेंकी जाने वाली पूजन सामग्री से होने वाले अनादर को रोकना है।


पंडित पंकज शर्मा का जागरूक संदेश


श्रीकाली माता मंदिर प्रांगण में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान पंडित पंकज शर्मा ने इस गंभीर विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग अनजाने में पूजन सामग्री, खंडित मूर्तियाँ और पुराने ग्रंथों को नदियों में प्रवाहित कर देते हैं या पेड़ों के नीचे छोड़ देते हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, बल्कि हमारी धार्मिक आस्था का भी अपमान होता है। उन्होंने समाज से इस परंपरा को बदलने का आह्वान किया।



समिति का गठन और मंदिर की भूमिका


इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। मंदिर के अध्यक्ष विनय भोला ने जानकारी दी कि यह समिति मंदिरों और घरों से निकलने वाले खंडित चित्रों, पुरानी मूर्तियों और जीर्ण ग्रंथों को विधिपूर्वक एकत्र करने का कार्य करेगी। इसके बाद इनका शास्त्रों और विज्ञान के अनुसार उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।



जन-जागरूकता पर जोर


योजना के अनुसार, मंदिर के पुजारियों के माध्यम से आम जनता को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जाएगा। भक्तों को प्रेरित किया जाएगा कि वे पूजन सामग्री को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रह केंद्रों पर ही दें। इस पहल से शहर की नदियों की स्वच्छता बनी रहेगी और धार्मिक मर्यादाओं का भी पालन होगा।



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