ED की बड़ी कार्रवाई: 792 करोड़ के पोंजी घोटाले में जब्त विमान ₹3 करोड़ में नीलाम, निवेशकों को लौटाए जाएंगे पैसे
हैदराबाद, 3 जुलाई (अन्नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने एक ऐतिहासिक और अपनी तरह की पहली अनूठी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) मामले के तहत जब्त किए गए एक चार्टर्ड विमान (Hawker 800A Aircraft) को सफलतापूर्वक नीलाम कर दिया है। एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Limited) के माध्यम से 1 जुलाई 2026 को पूरी की गई इस नीलामी प्रक्रिया में विमान को 3 करोड़ रुपये में बेचा गया है।
राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जब्त हुआ था विमान
ईडी की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस 'हॉकर 800A' विमान को एजेंसी ने 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चलाए गए एक तलाशी अभियान के दौरान जब्त किया था। यह पूरी कार्रवाई मैसर्स कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Capital Protection Force Pvt. Ltd.), उसके मुख्य कर्ताधर्ता अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ दर्ज पीएमएलए (PMLA) मामले के तहत की गई थी।
विमान को जब्त करने के बाद ईडी ने पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के समक्ष आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद धन शोधन निवारण नियम, 2013 के नियमों के तहत संपत्ति को बेचने की विशेष अनुमति मांगी गई, जिस पर कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर ईडी को इस विमान की नीलामी करने की हरी झंडी दी थी।
क्या है 792 करोड़ रुपये का पोंजी घोटाला?
ईडी के अनुसार, हैदराबाद स्थित कंपनी 'कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड' (फाल्कन ग्रुप) के सीएमडी अमरदीप कुमार और अन्य के खिलाफ साइबराबाद की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इसी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम (फर्जी बिलों के आधार पर छूट का धंधा) चलाने के नाम पर देश के एक बड़े हिस्से के निवेशकों को जाल में फंसाया। उन्होंने बिना किसी वास्तविक बिजनेस के, निवेशकों को उनकी रकम पर भारी-भरकम रिटर्न (मुनाफा) देने का झांसा देकर एक बड़ा पोंजी स्कीम नेटवर्क चलाया और करीब 792 करोड़ रुपये की भारी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
चार्टर्ड अकाउंटेंट और सीईओ सहित तीन आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
इस महाघोटाले में ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए इससे पहले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था:
संदीप कुमार: मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार का भाई।
शरद चंद्र तोशनीवाल: गिरोह का मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)।
आर्यन सिंह छाबरा: 'फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग' कंपनी का सीईओ।
एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ 29 सितंबर 2025 को संबंधित विशेष अदालत के समक्ष अपनी मुख्य अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल कर दी थी।
नीलामी से मिले ₹3 करोड़ असली निवेशकों को किए जाएंगे वापस
ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है कि विमान की नीलामी से प्राप्त हुई 3 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पीएमएलए, 2002 के कानूनी प्रावधानों के तहत उन मासूम और वास्तविक निवेशकों को उनका पैसा लौटाने (Restitution) के लिए किया जाएगा, जो इस पोंजी स्कीम का शिकार हुए थे। हालांकि, यह प्रक्रिया पीएमएलए की विशेष अदालत की अंतिम अनुमति के अधीन होगी।
एजेंसी ने दोहराया है कि वह अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) की पहचान करने, उसे कुर्क करने, अपराधियों को उसका लाभ लेने से रोकने और पीड़ितों को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने के लिए ईडी की जांच गहनता से जारी है।
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