भारतीय वायुसेना को स्वदेशी विमानस्थ प्रारंभिक चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली 'नेत्र' के लिए अंतिम परिचालन स्वीकृति मिली
आरएस अनेजा, 26 जून नई दिल्ली - रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी 'नेत्र' विमानस्थ प्रारंभिक चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली का अंतिम परिचालन स्वीकृति (एफओसी) प्रमाणपत्र भारतीय वायुसेना को सौंपकर एक अहम उपलब्धि हासिल की है।
भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ और संबंधित रक्षा उद्योग जगत के सहयोग से विकसित इस प्रणाली को हवाई निगरानी, स्थिति संबंधी जागरूकता तथा युद्ध प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है। साल 2017 में प्रारंभिक परिचालन स्वीकृति (आईओसी) प्राप्त करने के बाद अब अंतिम परिचालन स्वीकृति मिलना इस परियोजना की पूर्ण परिचालन क्षमता का प्रमाण है और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस समारोह का आयोजन 25 जून 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में किया गया, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने की।
इस अवसर पर पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया (सेवानिवृत्त), डीआरडीओ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. क्रिस्टोफर, भारतीय वायुसेना के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी, सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (सीएबीएस) की निदेशक व विशिष्ट वैज्ञानिक श्रीमती पी. संध्या उपस्थित थीं। इनके अतिरिक्त विशिष्ट वैज्ञानिक और मुख्य कार्यकारी (उड़ानयोग्यता) श्री ए.पी.वी.एस. प्रसाद, वैज्ञानिक ‘जी’ एवं नेत्र एफओसी परियोजना प्रमुख श्री ए.एस. कुमारन, डीआरडीओ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा रक्षा उद्योग जगत के साझेदार भी मौजूद थे।
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