18/04/25

हीटवेव को देखते हुए दवाओं की हो समुचित उपलब्धता— एमडी, आरएमएससीएल

एन.एस. बाछल, 18 अप्रैल, जयपुर।

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक नेहा गिरि ने जिला एवं मेडिकल कॉलेज औषधि भण्डार गृह के समस्त प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में हीटवेव की संभावित स्थितियों को देखते हुए आवश्यक औषधियों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। दवाओं की मांग एवं आपूर्ति में किसी भी प्रकार का गेप नहीं रहे। सभी चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हो। 

नेहा गिरि ने गुरूवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए कि औषधियों की आपूर्ति  सुनिश्चित करने हेतु मांग, आवश्यकता एवं फीडबैक का गहन परीक्षण कर अनुमोदित आपूर्तिकर्ता फर्मों को क्रय आदेश जारी किये जाने एवं शीघ्र आपूर्ति हेतु संबंधित फर्मों से समन्वय किया जाए। समस्त प्रभारी अधिकारी फीडबैक मात्रा का परीक्षण कर ही क्रय आदेश मात्रा भिजवायें, जिससे औषधियों की कमी एवं अधिकता की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। 

अनियमितता पर डूंगरपुर जिला औषधि भण्डार के प्रभारी अधिकारी को नोटिस—

प्रबंध निदेशक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक मांग में अनियमितता पाये जाने के कारण प्रभारी अधिकारी, जिला औषधि भण्डार गृह, डूंगरपुर एवं संबंधित चिकित्सा संस्थाना को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भण्डार गृहों में शत—प्रतिशत औषधियां उपलब्ध करवा कर रोगियों को राहत पहुंचाई जाए। योजना के सफल क्रियान्वन हेतु समस्त प्रभारी अधिकारी  संबंधित जिलें में चिकित्सा संस्थानों का नियमित निरीक्षण करें। महंगी औषधियों की सघन मॉनिटरिंग करें तथा इससे संबंधित रिकॉर्ड का संधारण किया जाना सुनिश्चित करें।  

जीरो एक्सपायरी पॉलिसी का हो पालन—

नेहा गिरि ने निर्देशित किया कि योजना में जीरो एक्सपायरी पॉलिसी का पालन किया जाए। प्रभारी अधिकारी उपलब्ध करवाई जा रही औषधियों का उचित एवं नियमानुसार संधारण करें एवं औषधियों को अवधिपार होने से पूर्व इनका उपयोग किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे वित्तीय हानि से बचा जा सके। उन्होंने भण्डार गृहों में अवधिपार औषधि होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्धअनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए। 

  

खराब उपकरणों का हो तत्काल मेंटीनेंस—

प्रबंध निदेशक ने कहा कि राज्य के चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध उपकरणों एवं ऑक्सीजन प्लांट का नियमित निरीक्षण किया जाए। उपकरण कार्यशील नहीं हो तो उनका तत्काल प्रभाव से मेंटीनेंस करवाया जाए। निगम के अधीन जिला एवं मेडिकल कॉलेज औषधि भण्डार गृहों पर कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निगम मुख्यालय से अवकाश स्वीकृत कराने के उपरांत ही अवकाश पर जाएं। 

स्थानीय स्तर पर खरीद की हो मॉनिटरिंग—

नेहा गिरि ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों द्वारा स्थानीय स्तर पर क्रय की जा रही औषधियों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने हीटवेव को देखते हुए भण्डार गृह में छायादार वृक्ष एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। 

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