राष्ट्रीय सम्मेलन में आदर्श महिला-हितैषी ग्राम पंचायत पहल का शुभारंभ किया जाएगा
आरएस अनेजा, 04 मार्च नई दिल्ली
जमीनी स्तर पर महिला समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, पंचायती राज मंत्रालय 5 मार्च को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन में आदर्श महिला-अनुकूल ग्राम पंचायतों (एमडब्ल्यूएफजीपी) को विकसित करने की अपनी परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत करेगा।
यह कार्यक्रम मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 समारोह का हिस्सा है और इसका ग्रामीण शासन पर स्थायी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे देशभर की ग्राम पंचायतों में महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षा, समावेशिता और लैंगिक समानता सुनिश्चित होगी। इस सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री, प्रो. एसपी सिंह बघेल, पंचायती राज और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय और केंद्रीय राज्य मंत्री, श्रीमती अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
सम्मेलन में लगभग 350 प्रतिभागी, मुख्य रूप से चुने हुए ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी या तो शारीरिक रूप से या वर्चुअल रूप से भाग लेंगे। प्रतिभागियों में देशभर के प्रत्येक जिले की कम से कम एक ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रधान और अधिकारी शामिल होंगे।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श महिला-अनुकूल ग्राम पंचायत स्थापित करना है, जो लिंग-संवेदनशील और बालिका-अनुकूल शासन के लिए एक प्रकाशस्तंभ के रूप में कार्य करेगी। ये आदर्श पंचायतें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित, अधिक समावेशी और सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण ग्राम पंचायत बनाने के दृष्टिकोण का उदाहरण होंगी, जो विकसित पंचायतों के माध्यम से विकसित भारत को प्राप्त करने के बड़े लक्ष्य में योगदान देंगी।