प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित किया
आरएस अनेजा, 04 मार्च नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित किया। ये वेबिनार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को विकास का इंजन बनाने, विनिर्माण, निर्यात और परमाणु ऊर्जा मिशन, विनियामक, निवेश और व्यापार करने में आसानी जैसे विषयों पर आयोजित किए गए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विनिर्माण और निर्यात पर बजट पश्चात वेबिनार बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस बजट को सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट बताते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस बजट का सबसे उल्लेखनीय पहलू इसके अपेक्षित परिणाम है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने कई क्षेत्रों में विशेषज्ञों की अपेक्षा से कहीं बढ़कर कदम उठाए हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि इस बजट में विनिर्माण और निर्यात के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक दशक से भी अधिक समय से लगातार सरकारी नीतियां देखने को मिली हैं और पिछले 10 वर्षों में देश ने सुधारों, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतरता और सुधारों के आश्वासन ने उद्योग जगत में नया आत्मविश्वास आया है। उन्होंने विनिर्माण और निर्यात से जुड़े हर हितधारक को आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में भी यह निरंतरता बनी रहेगी। हितधारकों को साहसिक कदम उठाने और देश के लिए विनिर्माण और निर्यात के नए मार्ग खोलने के लिए प्रोत्साहित करते हुए श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दुनिया का हर देश भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र से इस साझेदारी का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "स्थिर नीति और बेहतर कारोबारी वातावरण किसी भी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले सरकार ने जन विश्वास अधिनियम पेश किया था और अनुपालन कम करने के प्रयास किए थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर 40,000 से अधिक अनुपालन समाप्त किए गए, जिससे व्यापार करने में आसानी हुई। इस प्रकिया को जारी रखने पर जोर देते हुए श्री मोदी ने उल्लेख किया कि सरकार ने आयकर के सरल प्रावधान पेश किए हैं और जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम जारी है। उन्होंने आगे कहा कि गैर-वित्तीय क्षेत्र में नियमों की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसका उद्देश्य उन्हें आधुनिक, लचीला, लोगों के अनुकूल और विश्वास आधारित बनाना है। उन्होंने इस प्रक्रिया में उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने हितधारकों को उन समस्याओं की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके समाधान में अधिक समय लगता है, प्रधानमंत्री ने हितधारकों को प्रक्रियाओं को सरल बनाने के तरीके सुझाए और प्रौद्योगिकी के सही उपयोग से त्वरित और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान में उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से 14 क्षेत्र लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 750 से अधिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन और 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह दर्शाता है कि अवसर मिलने पर उद्यमी नए क्षेत्रों में कैसे आगे बढ़ सकते हैं।
इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई केंद्रीय मंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।