कैथल: फर्जी फूड इंस्पेक्टर बनकर अवैध वसूली करने वाले वेटरनरी डॉक्टर पर ACB का बड़ा खुलासा; रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया आरोपी
अभिकान्त, 02 अगस्त, कैथल: हरियाणा के कैथल जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम द्वारा रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए वेटरनरी डॉक्टर अंकुर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर खुद को फर्जी फूड सेफ्टी ऑफिसर (खाद्य सुरक्षा अधिकारी) बताकर शहर की डेयरियों और दूध विक्रेताओं की दुकानों पर छापेमारी करता था और समझौते के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठता था।
3 पॉइंट्स में समझें: ACB जांच में हुए बड़े खुलासे
फर्जी फूड इंस्पेक्टर बनकर दुकानों पर मारता था रेड: ACB कैथल यूनिट के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि पट्टी अफगान में तैनात वेटरनरी सर्जन डॉक्टर अंकुर अपनी पर्सनालिटी का फायदा उठाकर फर्जी फूड ऑफिसर बनता था। वह दुकानों पर खुद ही दूध व अन्य उत्पादों की चेकिंग करता था। डर दिखाकर दुकानदारों से समझौते के नाम पर पैसे वसूलता था और इनकार करने पर पूरी टीम के साथ रेड मारने की धमकी देता था।
भैंसों के हेल्थ सर्टिफिकेट पर प्रति भैंस ₹3,000 की रिश्वत तय की: गांव सेंगरी निवासी पीड़ित किसान राममेहर ने डेयरी लोन के लिए बैंक में जमा कराने हेतु भैंसों का हेल्थ सर्टिफिकेट मांगा था। डॉक्टर अंकुर ने हेल्थ सर्टिफिकेट पर दस्तखत करने के एवज में ₹30,000 की मांग की। उसने प्रति भैंस ₹3,000 की दर से रिश्वत का रेट तय किया था।
दिन में 10-12 बार फोन कर करता था तंग, BlaBla से सवारियां ले जाते वक्त धराया: साइन करने के बाद आरोपी डॉक्टर पैसों के लिए किसान को दिन में 10-12 बार फोन करता था और डेयरी पर भी पहुंच जाता था। किसान की शिकायत पर ACB ने जाल बिछाया और डॉक्टर को ₹28,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी अपनी कार में 'ब्ला-ब्ला' (BlaBlaCar) ऐप के जरिए चंडीगढ़ के लिए सवारियां ले जा रहा था।
रिश्वतकांड के बाद एटीट्यूड में फोटोशूट, चेहरा ढंकने से किया मना
गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी डॉक्टर के रवैये में कोई शिकन नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान वह पैर पर पैर रखकर स्टाइल में कुर्सी पर बैठा रहा। मीडियाकर्मियों द्वारा फोटो खींचे जाने पर उसने हाथ पीछे बांधकर पोज दिए। जब ACB इंस्पेक्टर ने उसे चेहरा ढंकने के लिए रुमाल दिया, तो उसने हाथ के इशारे से मना करते हुए कहा— "इसकी कोई जरूरत नहीं है।"
अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
ACB इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी डॉक्टर अंकुर से गहन पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया गया है। यदि कोई स्थानीय दुकानदार फर्जी चेकिंग और अवैध वसूली को लेकर शिकायत दर्ज कराता है, तो उस आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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