अम्बाला में हीट वेव और जल जनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: सिविल सर्जन डॉ. रेनू बेरी

जे कुमार अम्बाला, 25 मई 2026: उत्तर भारत में जारी भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच अंबाला जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. रेनू बेरी ने हीट वेव (लू के थपेड़ों) और दूषित पानी से होने वाली बीमारियों (Water Borne Diseases) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों व क्लीनिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की है।

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सभी इमरजेंसी विभाग अलर्ट मोड पर; ओआरएस और बेड की व्यवस्था के निर्देश

डॉ. रेनू बेरी ने जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों और निजी अस्पताल संचालकों को आदेश दिए हैं कि उनके इमरजेंसी वार्ड्स को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।

  • पुख्ता इंतजाम: अस्पतालों में लू (Heat Wave) और जल जनित रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां, विशेष बेड, ओआरएस (ORS) के पैकेट, ठंडा व स्वच्छ पीने का पानी और आईवी फ्लूइड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

  • क्लस्टर रिपोर्टिंग अनिवार्य: यदि जिले के किसी भी एक विशेष मोहल्ले, गांव या वार्ड से उल्टी, दस्त, टाइफाइड, हेपेटाइटिस, पीलिया या तेज बुखार के 5 या उससे अधिक मरीज एक साथ अस्पताल पहुंचते हैं, तो इसकी सूचना बिना किसी देरी के तुरंत सिविल सर्जन कार्यालय, अंबाला को दी जाए ताकि महामारी फैलने से पहले वहां जनस्वास्थ्य टीमें भेजी जा सकें।

नोटीफाईबल डिजीज के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर और ईमेल

जिले के सभी प्राइवेट क्लीनिकों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लेबोरेटरीज और मेडिकल स्टोरों (फार्मेसी) को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नोटीफाईबल डिजीज (संक्रामक रोग) का मरीज सामने आने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। इसके लिए विभाग ने आधिकारिक माध्यम जारी किए हैं:

  • ईमेल आईडी: dhs.idspamb@hry.nic.in

  • आपातकालीन मोबाइल नंबर: 9813059474

तोपखाना, जण्डली और जफ्रपुर में कैंप लगाकर काबू में की स्थिति

अंतिम सप्ताह की रिपोर्ट साझा करते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि जिला अंबाला के कुछ संवेदनशील इलाकों जैसे तोपखाना (अम्बाला छावनी), गांव जफ्रपुर और जण्डली क्षेत्र से पीलिया, उल्टी व दस्त के लक्षणों वाले मरीजों की शिकायतें मिली थीं।

"सूचना मिलते ही अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन सभी प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्पेशल हेल्थ कैंप लगाए। मरीजों की मौके पर ही लेबोरेटरी जांच, एक्स-रे और आवश्यक उपचार शुरू किया गया। प्रभावित क्षेत्रों की पाइपलाइनों से पानी के सैंपल लेकर बैक्टिरियोलॉजिकल टेस्टिंग और क्लोरीन टेस्टिंग कराई गई है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में इन सभी क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और नए मामले नहीं आ रहे हैं।"

पाइपलाइनों की सघन जांच और स्लम्स एरिया में चलेगा विशेष अभियान

डॉ. रेनू बेरी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि जिले के सभी शहरी और ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की दैनिक स्तर (Daily Basis) पर सघन जांच की जाए। पानी की पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए ताकि गंदा पानी मिक्स न हो सके।

आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के इंडस्ट्रियल एरिया, ईंट-भट्टों और अर्बन स्लम्स (मलीन बस्तियों) में हीट वेव और जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए एक विशेष जागरूकता और स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जाएगा। सिविल सर्जन ने अंबाला वासियों से अपील की है कि वे इस भीषण गर्मी में केवल उबला हुआ या अच्छी तरह क्लोरिनेटेड पानी ही पिएं, बाहर के कटे हुए फल और बासी खाने से पूरी तरह परहेज करें।

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