डिजिटल सुरक्षा और सैन्य शक्ति का संगम: अंबाला साइबर पुलिस ने सैन्य पुलिस को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर

जे कुमार अंबाला छावनी, 18 मार्च 2026: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज सैनिक अब डिजिटल मोर्चे पर भी और अधिक सशक्त होंगे। इसी उद्देश्य के साथ अंबाला साइबर पुलिस और भारतीय सेना के मिलिट्री पुलिस सेंटर के बीच एक महत्वपूर्ण 'साइबर तकनीकी जानकारी' सत्र का सफल आयोजन किया गया। डिजिटल युग की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए आयोजित इस विशेष कार्यशाला में सैन्य कर्मियों को साइबर अपराधों की बारीकियों और उनसे बचाव की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराया गया।

फिशिंग और डेटा सुरक्षा पर विशेष चर्चा: अंबाला साइबर पुलिस की टीम से पी.एस.आई (PSI) रवि कुमार और उनके सहयोगियों ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। सत्र के दौरान उन्होंने जवानों को फिशिंग अटैक, सोशल मीडिया सेफ्टी, और डेटा चोरी जैसे गंभीर खतरों के प्रति आगाह किया। सैन्य कर्मियों को बताया गया कि कैसे अपराधी डिजिटल फ्रॉड के नए-नए तरीके अपना रहे हैं और उनसे बचने के लिए तकनीकी सुरक्षा उपाय (Technical Security Measures) कितने अनिवार्य हैं। विशेष रूप से संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' और सुरक्षित ब्राउजिंग के महत्व पर जोर दिया गया।

सीमा सुरक्षा के साथ डिजिटल सुरक्षा अनिवार्य: मिलिट्री पुलिस ने अपने जवानों की तकनीकी क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए अंबाला साइबर पुलिस टीम को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। इस लेक्चर का मुख्य संदेश यही रहा कि आज के दौर में देश की भौतिक सीमाओं के साथ-साथ डिजिटल सीमाओं की सुरक्षा भी उतनी ही अनिवार्य है। सैन्य अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सत्रों से जवानों में तकनीकी सजगता बढ़ेगी, जिससे वे स्वयं को और देश के महत्वपूर्ण डेटा को साइबर हमलों से सुरक्षित रख सकेंगे।

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