रेलवे अधिकारी को भारी पड़ी 5000 की रिश्वत: CBI कोर्ट ने सुनाई 4 साल की जेल, 11 साल पुराने मामले में फैसला

उत्तर प्रदेश/गाजियाबाद, 24 मार्च (अन्‍नू): भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के तत्कालीन चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए 4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


जुर्माना कम करने के बदले मांगी थी 'रिश्वत' यह मामला साल 2015 का है, जब दोषी रफी अहमद ने एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। दरअसल, ट्रेनों में गार्ड लाइन बॉक्स की लोडिंग-अनलोडिंग का काम संतोषजनक न होने के कारण ठेकेदार पर पेनल्टी (जुर्माना) लगाई गई थी। आरोप था कि इस पेनल्टी को कम करने के एवज में रफी अहमद ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की अवैध मांग की थी।


पहली किस्त लेते ही सीबीआई के जाल में फंसा अधिकारी शिकायत मिलने पर सीबीआई ने 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया और एक रणनीतिक जाल बिछाया। एजेंसी ने आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जब वह रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये स्वीकार कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने गहन जांच की और 24 नवंबर 2015 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।


लंबे ट्रायल के बाद आया फैसला गाजियाबाद स्थित सीबीआई कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 मार्च 2026 को रफी अहमद को दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाना एक गंभीर अपराध है। इस फैसले को रेलवे और अन्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

#CBICourt #GhaziabadNews #RailwayCorruption #AgraCantt #BriberyCase #AntiCorruption #JusticeSystem #CBIUpdate #DanikKhabar

Previous

हरियाणा में LPG सिलेंडर की कालाबाजारी के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई, अब तक 8 FIR दर्ज और 825 सिलेंडर जब्त

Next

प्रदेश में करीब 3 लाख लड़कियों को  ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन निःशुल्क लगाई जाएगी : स्वाथ्य मंत्री आरती सिंह राव