जयपुर में फर्जी जीएसटी पंजीकरण का खुलासा, वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई में अस्तित्वहीन फर्म का पर्दाफाश
एन.एस.बाछल, 30 जुलाई, जयपुर।
कर चोरी एवं फर्जी जीएसटी पंजीकरण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वाणिज्यिक कर विभाग ने जयपुर स्थित मैसर्स रनसन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड पर सर्वे कार्रवाई करते हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जांच के दौरान फर्म अपने घोषित व्यावसायिक पते पर अस्तित्वहीन पाई गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्म का जीएसटी पंजीकरण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था। विभाग द्वारा यह भी आशंका जताई गई है कि फर्म द्वारा अपनी पात्रता से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। वर्तमान में फर्म के क्रेडिट लेजर में लगभग 22.78 लाख रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध पाया गया है। हालांकि, यह केवल वर्तमान में उपलब्ध आईटीसी की राशि है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि फर्म द्वारा फर्जी बिलों के माध्यम से कहीं अधिक मूल्य के लेन-देन किए गए हो सकते हैं। इन लेन-देन एवं संभावित कर अपवंचन की वास्तविक मात्रा का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
विभागीय टीम ने फर्म के घोषित व्यावसायिक पते के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति के घोषित आवासीय पते का भी सत्यापन किया, जहां भी कोई वास्तविक संचालन नहीं पाया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई वाणिज्यिक कर विभाग की एनफोर्समेंट विंग-1, सर्किल-सी की टीम द्वारा की गई।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan
Previous
मुख्यमंत्री ने ‘जाखू मन्दिर-संजीवनी बूटी का रहस्य’ पुस्तक का विमोचन किया : हिमाचल प्रदेश
Next