भारत विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल हुआ: केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
एन.एस.बाछल, 30 जून, भोपाल।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली में आयोजित 'डिजिटल स्वास्थ्य पहल शुभारंभ कार्यक्रम' में देश में डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से आरोग्य सेतु 2.0 सहित कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक एकीकृत, सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। आरंभ की गई प्रमुख पहलों में आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (NHCX), एकीकृत स्वास्थ्य इंटरफेस (UHI), ई-सुश्रुत क्लिनिक, औषधि रजिस्ट्री, भारत के लिए सामान्य LOINC कोड (CLCI) और भारत स्वास्थ्य शब्दावली सेवा (BHTS) शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत 90 करोड़ से अधिक आभा खातों और 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के साथ विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु 2.0 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित लोगों सहित सभी आयु वर्ग के नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (आयुष विभाग का स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पीएम-केयर योजना के तहत मध्य प्रदेश को आधुनिक निदान उपकरण उपहार में दिए गए।
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत, अगले तीन वर्षों में पीएम-केयर्स योजना के माध्यम से इस क्षेत्र को 13 एमआरआई मशीनें, 11 मैमोग्राफी मशीनें और 308 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं निदान सेवाओं को काफी मजबूती मिलेगी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पीएम-केयर्स के माध्यम से उपलब्ध अत्याधुनिक निदान उपकरण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे और विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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