गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण और समय पर काउंसलिंग पर दें विशेष ध्यान-104 एम्बुलेंस सेवा की रेण्डम जांच कर लें फीडबैक:राजस्थान
एन.एस.बाछल, 28 जुलाई, जयपुर।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए हैं कि गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण, नियमित काउंसलिंग और समय पर उपचार से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्साधिकारी, एएनएम एवं सीएचओ उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की सतत निगरानी कर समय पर रेफरल एवं उपचार सुनिश्चित करें, ताकि गंभीर स्थिति और आईसीयू तक पहुंचने की नौबत कम हो।
स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि अगले एक माह में संभावित प्रसव वाली हाई रिस्क गर्भवतियों की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श पहले से ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 104 एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता की रेण्डम जांच कर वाहन चालक एवं संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेने तथा कमियों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिए।
गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में परिवार नियोजन साधनों की स्वीकार्यता कम है, वहां ब्लॉक स्तर पर चिकित्साधिकारी, एएनएम, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि खैरथल में 9 बच्चों की मां द्वारा चिकित्सकीय सलाह के बावजूद प्रसव संबंधी आवश्यक उपचार से इंकार करने जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में परिवारजनों को परिवार नियोजन के महत्व के साथ प्रसव के दौरान संभावित गंभीर जोखिमों के प्रति समय रहते जागरूक किया जाए।
उन्होंने गंभीर एनीमिया के मामलों में निर्धारित एसओपी के अनुसार चिकित्सकीय निगरानी में ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुनिश्चित करने तथा गुजरात सीमा से लगे जिलों में चांदीपुर वायरस के लक्षणों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सैन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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